THE ADDA | Hindi News - Breaking News, Viral Stories, Indian Political News In Hindi

जानिए आख़िर बैठकर खाना-खाने से कौन-कौन से शारीरिक फ़ायदे होते हैं

3,576

भारत सदियों से एक सांस्कृतिक और पारम्परिक देश रहा है। यहाँ कई ऐसी परम्पराएँ हैं जिनका पालन सदियों से किया जा रहा है। आज भी लोग उन परम्पराओं का पालन बिना किस बदलाव के कर रहे हैं। हालाँकि की आज के समय में कई परम्पराओं को थोड़ा बदल भी दिया गया है। आज की युवा पीढ़ी परम्पराओं में ज़्यादा विश्वास नहीं करती है। लेकिन आपको बता दें पुराने ज़माने की कुछ परम्पराएँ ऐसी हैं, जिनका धार्मिक महत्व के साथ ही वैज्ञानिक महत्व भी है। आज के इस आधुनिक युग में मनुष्य कई तरह की परेशानियों से घिरा हुआ है।

 

आज के आधुनिक समय में तेज़ी से बीमार हो रहे हैं लोग:

आजकल की युवा पीढ़ी ना ही सही तरह से खाना खाती है और ना ही परम्पराओं का पालन करना जानती है। हालाँकि यह बात सबके ऊपर लागू नहीं होती है, आज भी कई ऐसे लोग हैं जो प्राचीन परम्पराओं का पालन करते हैं। आज के समय में लोग जितने ज़्यादा आधुनिक होते जा रहे हैं, उतनी ही तेज़ी से वो बीमार भी होते जा रहे हैं। आज के समय में लोगों ने पूरी तरह से अपने खान-पान को और खाना खाने के तरीक़े को बदल दिया है। पहले के समय में लोग जिस तरह का खाना और जिस तरह से खाते थे, आज के समय में वह बहुत कम दिखाई देता है।

 

आज के समय में ज़मीन पर बैठना भूल गए हैं लोग:

पहले ज़माने में लोग परिवार के साथ बैठकर खाना खाते थे। पहले लोग भोजन आसन लगाकर ग्रहण करते थे, जो आज के समय में देखने को नहीं मिलता है। आज ज़मीन पर आसन लगाकर खाने की जगह लोग डाइनिंग टेबल पर खाना खाने लगे हैं। जब से डाइनिंग टेबल पर लोगों ने भोजन ग्रहण करना शुरू किया है तब से लोग ज़मीन पर बैठना ही भूल गए हैं। आज कई लोगों को ज़मीन पर ठीक से बैठना भी नहीं आता है। आज के समय में ज़मीन पर ना बैठने की वजह से जोड़ समय से पहले ही जवाब दे जाते हैं।

 

ज़मीन पर बैठकर खाने से घुटनों और टखनों ने बनी रहती है चिकनाई:

जबकि वहीं जो लोग ज़मीन पर पालथी मारकर भोजन करते है, उन्हें कई तरह के शारीरिक फ़ायदे भी होते हैं। आज हम आपको ज़मीन पर बैठकर भोजन करने से होने वाले फ़ायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। यक़ीनन आपको दी जानें वाली यह जानकारी आपके लिए लाभदायक साबित होगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें आज के समय में ज़मीन पर बैठकर भोजन ना करने की वजह से कुल्हे के जोड़, घुटने और टखनों का लचीलापन धीरे-धीरे ख़त्म होता जा रहा है। जबकि ज़मीन पर बैठकर खाना खाने से चिकनाई बनी रहती है।

 

ज़मीन पर बैठकर खाने से होता है तनाव दूर:

इसकी वजह से भविष्य में व्यक्ति को उठने-बैठने में कोई दिक़्क़त नहीं होती है। ऑस्टीयोपोरोसिस व आर्थराइटिस जैसे हड्डी के रोगों में ज़मीन पर बार-बार बैठना लाभदायक होता है। इसके अलावा ज़मीन पर बैठते समय व्यक्ति सुखासन की मुद्रा में बैठते हैं, जिससे तनाव दूर होता है और व्यक्ति का दिमाग़ भी मज़बूत होता है। इसके साथ ही ज़मीन पर बैठकर भोजन करने से पीठ और पेट के आस-पास की माँसपेशियों में खिंचाव आता है। इससे कई तरह की शारीरिक समस्याओं से छुटकारा भी मिल जाता है।

 

प्राचीनकाल से चली आ रही है यह परम्परा:

यही वजह है कि आज भी लोगों को ज़मीन पर बैठकर भोजन करने की सलाह दी जाती है। लेकिन आज के आधुनिक युग में ज़मीन पर बैठकर केवल वही लोग भोजन ग्रहण करते हैं, जिनके पास डाइनिंग टेबल नहीं होता है। हालाँकि आज भी गाँवों में लोग ज़मीन पर बैठकर ही भोजन ग्रहण करते हैं। भारत में प्राचीनकाल से ही ज़मीन पर बैठकर खाना खाने की परम्परा चलती आ रही है। हालाँकि आज के समय में बहुत कम लोग ही इस परम्परा का पालन कर रहे हैं। ज़मीन पर बैठकर भोजन ग्रहण करके के फ़ायदों के बारे में तो अब आप जान ही चुके हैं, तो अगली बार भोजन ज़मीन पर बैठकर ही करें।

 

 


 

Loading...

Loading...

- Advertisement -

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More