THE ADDA
THE ADDA: Hindi News, Latest News, Breaking News in Hindi, Viral Stories, Indian Political News

अहोई अष्टमी कब है और क्या है इसका धार्मिक महत्व जानें

संतान की लम्बी उम्र की लिए व्रत रखती हैं महिलाएँ

0 5,544
SHEIN -Your Online Fashion Jumpsuit

इस व्रत के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यह व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रखा जाता है। इस दिन अहोई यानी माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस दिन संतान की लम्बी उम्र के लिए महिलाएँ व्रत रखती हैं। जो संतान सुख से महिलाएँ वंचित रह गयी हैं, उनके लिए यह व्रत बहुत ही फ़ायदेमंद है। सामान्य रूप से इस दिन विशेष प्रयोग करके संतान की उन्नति और कल्याण भी होता है। इस उपवास से आयु और सौभाग्य में भी वृद्धि होती है। इस बार यह व्रत 31 अक्टूबर को है।

अहोई अष्टमी

इस तरह से रखें उपवास:

    • सुबह स्नान करने अहोई पूजा का संकल्प लें।
    • दीवार पर अहोई माता की आकृति गेरू या लाल रंग से बनाएँ।
    • सूर्यास्त हो जानें के बाद जब आसमान में तारे निकल जाएँ तब इस पूजा की शुरुआत करें।
    • पूजा की सामग्री में एक चाँदी या सफ़ेद धातु की अहोई, चाँदी की मोती की माला, जल से भरा हुआ कलश, दूध-भात, हलवा और पुष्प एवं दीप रखें।
    • सबसे पहले अहोई माता की रोली, पुष्प, दीप से पूजा करें। तत्पश्चात उन्हें दूध-भात अर्पित करें।
    • इसके बाद हाथ में गेहूँ के सात दाने और कुछ दक्षिणा लेकर अहोई की कथा सुनें।
    • कथा सुनने के बाद माला को अपने गले में पहन लें और गेहूँ के दाने और दक्षिणा को अपनी सास को देकर उनसे आशीर्वाद लें।
    • इसके बाद चंद्रमा को अर्ध्य देकर भोजन ग्रहण करें।
  • चाँदी की माला को दिवाली के दिन निकाले और जल के छींटे मारकर पुनः सुरक्षित रख लें।
SHEIN -Your Online Fashion Blouse

- Advertisement -

शिक्षा, कैरियर, रोज़गार के लिए उपाय:

    • अहोई माता को पूजन के दौरान दूध-भात के साथ लाल रंग के फूल अर्पित करें।
    • इसके बाद लाल फूल हाथ में लेकर संतान के कैरियर और शिक्षा की प्रार्थना करें।
    • अपनी संतान को अपने हाथ से दूध-भात खिलाएँ।
  • इसके बाद लाल फूल उसके हाथ में देकर उसे सुरक्षित रखने के लिए कहें।

ahoi-ashtami-date-puja-vidhi-and-significance

संतान प्राप्ति के लिए उपाय:

    • अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता और भगवान शिव को दूध-भात का भोग लगाएँ।
    • चाँदी की नौ मोतियाँ लेकर लाल धागे से पिरोकर माला बनाएँ।
    • अब माला को अहोई माता को अर्पित करें और संतान प्राप्ति की प्रार्थना करें।
    • पूजा के बाद अपनी संतान और उसके जीवनसाथी को दूध-भात खिलाएँ।
  • अगर बहू को संतान नहीं हो रही हो तो उसे और बेटी को संतान नहीं हो रही है तो बेटी को माला धारण करवाएँ।

Loading...
Loading...

- Advertisement -

SHEIN -Your Online Fashion Blouse

- Advertisement -

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More