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गूगल प्लस होगा अब बंद, 5 लाख यूज़र का डेटा हुआ चोरी

छानबीन के डर से इस मुद्दे को ज़ाहिर ना करने का लिया फ़ैसला

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आज का युग डिजिटल युग है। आज के समय में हर काम डिजिटल तरीक़े से होने लगा है। धीरे-धीरे लोग डिजिटल हो रहे हैं और वह पूरी तरह से तकनीकी के ऊपर निर्भर रहने लगे हैं। इसी का नतीजा यह हो रहा है कि कई बार वह ठगी का भी शिकार हो जा रहे हैं। आए दिन डिजिटल ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया के इस युग में हर कोई सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता है। सोशल मीडिया के आने के बाद समाज में कई क्रांतिकारी बदलाव भी हुए हैं, लेकिन इसके साथ सोशल मीडिया के कई नुक़सान भी सामने आए हैं।

 

सोशल मीडिया का हो रहा है ग़लत इस्तेमाल:

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आजकल कई लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके समाज का माहौल ख़राब करने का भी काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर तेज़ी से फ़ेक मैसेज का चलन बढ़ रहा है। इसकी वजह से कई लोगों को अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ा। आए दिन सोशल मीडिया के ग़लत इस्तेमाल की ख़बरें सामने आ रही हैं।

हालाँकि आज हम आपको सोशल मीडिया के ग़लत इस्तेमाल की नहीं बल्कि सोशल मीडिया साइट के डेटा में चोरी के बारे में बताने जा रहे हैं। कुछ दिन पहले इस मामले में दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कम्पनी फ़ेसबुक का नाम सामने आया था।

 

छानबीन के डर से इस मुद्दे को ज़ाहिर ना करने का लिया फ़ैसला:

अब इस मामले में सोशल साइट गूगल का नाम आया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें हाल ही में अल्फाबेट इंक के गूगल ने कहा है कि एक बग से गूगल प्लस के पांच लाख यूजर अकाउंट प्रभावित हुए हैं। इससे यूजरों का डाटा एक्सटर्नल डेवलपर्स के सामने उजागर होने का खतरा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने उपभोक्ताओं के लिए सोशल नेटवर्क को बंद करने का फैसला लिया है। गूगल ने नियामक छानबीन की डर से इस मुद्दे को जाहिर नहीं करने का फैसला लिया है। अनाम सूत्रों और आंतरिक दस्तावेजों के हवाले से इस आशय की जानकारी वाल स्ट्रीट जनरल ने दी है।

 

डेटा के दुरुपयोग की जानकारी नहीं आयी अभी तक सामने:

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सोशल साइट में सॉफ्टवेयर गड़बड़ी ने बाहरी डेवलपर्स को 2015 और मार्च 2018 के बीच प्राइवेट गूगल प्लस डाटा तक पहुंच दी थी। इसके बाद आंतरिक जांचकर्ताओं ने इसका पता लगाया और उसे दुरुस्त किया। इस मुद्दे के कारण अल्फाबेट इंक के शेयरों के भाव 2.6 फीसद गिर गए हैं।

गूगल ने कहा है कि प्रभावित डाटा स्टैटिक, ऑप्शनल गूगल प्लस प्रोफाइल फील्ड तक सीमित हैं। इसमें नाम, ईमेल एड्रेस, पेशा, जेंडर और उम्र शामिल हैं। गूगल ने यह भी कहा है कि इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि किसी डेवलपर को इस बग की जानकारी है। किसी प्रोफाइल डाटा के दुरुपयोग की भी जानकारी सामने नहीं आई है।

 

बिना बायोमेट्रिक के नहीं कर सकता कोई आधार डेटा का इस्तेमाल:

आज लोगों की हर तरह की गुप्त जानकारी ऑनलाइन दर्ज है। ऐसे में लोगों के डेटा की सुरक्षा एक सबसे बड़ा सवाल है। अगर कम्पनियाँ इसी तरह से लोगों के डेटा के साथ खिलवाड़ करती रहीं तो आने वाले समय में लोग का विश्वास इसके ऊपर से धीरे-धीरे उठ जाए। कुछ दिन पहले भारत के आधार कार्ड के डेटा को लेकर भी हो-हल्ला मचा हुआ था कि आधार का डेटा भी सुरक्षित नहीं है और किसी भी समय यह चोरी हो सकता है। लेकिन इसको लेकर UIDAI ने साफ़ किया कि ऐसा सम्भव नहीं है। आधार का डेटा पूरी तरह से सुरक्षित है और उसे बिना आपके बायोमेट्रिक के कोई इस्तेमाल नहीं कर सकता है।


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