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सेना प्रमुख ने जताई इच्छा, S-400 के बाद इस रूस के इस घातक हेलिकॉप्टर की ज़रूरत

रूस के साथ किया गया अरबों डॉलर का सौदा

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कोई भी देश मज़बूत तभी माना जाता है, जब उसके पास अपने दुश्मनों से मुक़ाबला करने का सारा समान उपलब्ध हो। अगर वह अपने दुश्मनों को मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम है तो वह देश ताक़तवर माना जाता है। यह तभी सम्भव हो सकता है जब आपके पास ज़्यादा और क़ाबिल सैनिकों के साथ अति-आधुनिक हथियार उपलब्ध हों। इस समय पूरी दुनिया में अमेरिका सबसे शक्तिशाली देश है। उसके बाद रूस का नम्बर आता है। इस लिस्ट में भारत पाँचवें स्थान पर है। भारत लगातार अपनी ताक़त को बढ़ाने की कोशिश में लगा हुआ है।

 

कामोव हेलिकॉप्टर और अन्य हथियार पानें का है इच्छुक:

ARMY CHIEF General Bipin Rawat said that India follows an independent policy

यह बात सभी लोग जानते हैं कि भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन की बुरी नज़र हमेशा से ही भारत के ऊपर रही है। ऐसे में भारत के लिए यह बहुत ज़रूरी हो जाता है कि वो इन दोनों देशों से हर मामले में आगे रहे। तभी तो भारत इनको मुँहतोड़ जवाब दे सकता है। हाल ही में भारत ने रूस के साथ S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली का सौदा किया। अमेरिका के प्रतिबंध के बाद भी भारत ने रूस के साथ सौदा किया। अमेरिका की धमकियों के बीच थल सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि भारत स्वतंत्र नीति पर चलता है और वह रूस से कामोव हेलिकॉप्टर और अन्य हथियार प्राप्त करने का इच्छुक है।

 

द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर की बातचीत:

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सेना प्रमुख बिपिन रावत रूस की छह दिवसीय यात्रा पर गए हुए थे। वहाँ से लौटने के बाद उन्होंने जनरल के वी कृष्ण राव स्मृति व्याख्यान में रूस की यात्रा के संदर्भ में एक रूसी नौसेना अधिकारी द्वारा पूछे गए एक सवाल का जिक्र किया कि भारत का झुकाव अमेरिका की तरफ़ लगता है, जिसने रूस पर पाबंदियां लगाई हैं और अमेरिका ने रूस से सौदा करने पर भारत पर पाबंदियां लगाने की धमकी भी दी है। इस सवाल का जवाब देते हुए बिपिन रावत ने कहा कि हमें अहसास है कि हम पर पाबंदियां लगाई जा सकती हैं, लेकिन हम स्वतंत्र नीति पर चलते हैं। रावत ने रूसी सैन्य अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तौर तरीकों पर बातचीत की।

 

रूस के साथ किया गया अरबों डॉलर का सौदा:

ARMY CHIEF General Bipin Rawat said that India follows an independent policy

आपकी जानकारी के लिए बता दें सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि उन्होंने रूसी सैन्य अधिकारियों से कहा कि जब हम पाबंदियों पर बात कर रहे हैं और आप पाबंदियों पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। तब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तथ्य के बावजूद एस-400 हथियार प्रणाली की खरीद को लेकर संधि पर दस्तखत कर रहे हैं कि हमें भविष्य में अमेरिकी चुनौतियों से दो-चार होना पड़ सकता है। रावत ने आगे कहा कि भारत रूस से कामोव हेलीकॉप्टर एवं अन्य हथियार प्रणाली खरीदने का इच्छुक है। गौरतलब है कि भारत ने एस- 400 हवाई रक्षा प्रणाली खरीदने के लिए शु्क्रवार को रूस के साथ अरबों डॉलर का सौदा किया था।

 

दंडात्मक पाबंदियाँ लगाना है क़ानून का उद्देश्य:

ARMY CHIEF General Bipin Rawat said that India follows an independent policy

जिसके चलते अमेरिका के ‘काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (CAATSA) के तहत प्रतिबंध लगने का डर है। इस कानून का लक्ष्य रूस, ईरान और उत्तर कोरिया सरीखे देशों के साथ अहम व्यापारिक सौदा करने वाले देश के खिलाफ दंडात्मक पाबंदियां लगाना है। कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने धमकी दिया था कि जो भी देश रूस के साथ किसी तरह के हथियार का सौदा करेगा, अमेरिका उसके ऊपर प्रतिबंध लगा देगा। लेकिन भारत ने अमेरिका की धमकी को दरकिनार करते हुए रूस के साथ सौदा किया। केवल यही नहीं भारत ने ईरान के साथ तेल के व्यापार को भी जारी रखा। हालाँकि अब भारत को इस बात की चिंता है कि अमेरिका कहीं सच में प्रतिबंध ना लगा दे।


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