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अटल जी हुए पंचतत्व में विलीन, CM योगी ने किया बड़ा ऐलान

राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

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यह बात अब पूरी दुनिया को पता चल चुकी है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब नहीं रहे। 16 अगस्त 2018 को लम्बी बीमारी की चलते दिल्ली के एम्स में उनका निधन हो गया। जानकारी के अनुसार अटल जी का निधन शाम 5 बजकर 5 मिनट पर हुआ था। बता दें अटल बिहारी बाजपेयी पिछले 11 जून को एम्स में भर्ती हुए थे। उन्हें यूरिन इन्फ़ेक्शन और डिमेंशिया की बीमारी काफ़ी समय से थी। 2009 से ही अटल जी व्हीलचेयर पर थे। उन्हें कुछ भी याद नहीं रहता था और जिससे मिलते थे, उसे भी भूल जाते थे।

 

राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार:

अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद 17 अगस्त को उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अटल जी को मुखाग्नि उनकी दत्तक पुत्री नमिता ने दिया था। जानकारी के अनुसार देहांत के बाद अटल जी के पार्थिव शरीर को एम्स से उनके आवास स्थल पर ले जाया गया था। जहाँ देश के सभी बड़े नेताओं ने उनका अंतिम दर्शन किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उसके बाद दिल्ली के स्मृति स्थल में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

 

अटल जी की अस्थियों को रखा जाएगा भाजपा कार्यालय में:

atal bihari vajpayee

बताया जा रहा है कि अटल जी की अस्थियों को हरिद्वार में विसर्जित कर दिया गया है, लेकिन उनकी अस्थियों को देश की अन्य नदियों में भी विसर्जित करने की तैयारी हो रही है। अटल जी की अस्थियों को विसर्जित करने से पहले बेटी नमिता और नातिन निहारिका दिल्ली के स्मृति स्थल पहुँचे। वहाँ से हरिद्वार जाकर उनकी अस्थियों को विसर्जित किया गया। अटल जी की अस्थियों को लखनऊ में भी पहुँचाया जाएगा। यहाँ अस्थियों के कुल 18 कलश होंगे। अटल जी की अस्थियों को भाजपा ऑफ़िस में भी रखा जाएगा, जहाँ नेता और जनता अटल जी को आख़िरी श्रद्धांजलि दे सके।

 

जगह-जगह पर निकाली जाएँगी अस्थि कलश यात्राएँ:

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने जानकारी दी कि अटल जी की अस्थियों को 23 अगस्त को लखनऊ की गोमती नदी में विसर्जित किया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह घोषणा की थी कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी की अस्थियों को देश की सभी प्रमुख नदियों में विसर्जित किया जाएगा। योगी ने बताया कि 20 अगस्त को भाजपा कार्यालय से सुबह 10 बजे अटल की अस्थियों के कलश राज्य के अलग-अलग 18 जगहों पर विसर्जन के लिए भेजे जाएँगे। कार्यक्रम के अनुसार जहाँ-जहाँ अटल जी की अस्थि कलश पहुँचेगा, वहाँ-वहाँ अस्थि कलश यात्राएँ भी निकाली जाएँगी।

 

हमेशा बना रहेगा जनता के दिलों में प्रेम:

सरकार के आदेश के अनुसार अटल जी की अस्थियों को राज्य की प्रत्येक नदियों में विसर्जित किया जाएगा। इससे पहले आजतक किसी की भी अस्थियों को विसर्जित करने के लिए इतने बड़े स्तर पर कार्यक्रम नहीं हुआ था। आपको बता दें अटल जी केवल भाजपा के ही नहीं बल्कि सभी राजनीतिक दलों के प्रिय थे। ये भले ही भाजपा के थे, लेकिन इनकी इज़्ज़त हर कोई करता था। जब ये बोलते थे तो लोग इन्हें सुनने के लिए लालायित रहते थे। अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसे नेता थे, जिनके जानें के बाद इनकी कमी हर किसी को खल रही है। इनके लिए जनता के दिलों में हमेशा प्रेम बना रहेगा।

 

कविताओं में छुपा हुआ है जीवनदर्शन:

atal bihari vajpayee

अटल बिहारी वाजपेयी एक बेहतरीन राजनेता के साथ ही बेहतरीन व्यक्तित्व के धनी भी थे, इसके साथ ही ये एक कवि भी थे। इन्होंने कई बेहतरीन कविताओं का लेखन भी किया है। अटल जी की कविताएँ जीवन के हर रंग को बेहतरीन तरीक़े से दर्शाती हैं। इनकी कविताओं में जीवनदर्शन छुपा होता है। अटल जी की कई ऐसी कविताएँ हैं, जिन्हें पढ़ने के बाद कोई भी इसमें डूब जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के लिए जो योगदान दिया है, उसे कभी नहीं भुलाया जा सकता है। यहाँ तक कि इनके जानें के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी लोग दुःख मना रहे हैं, उनके अनुसार इन्होंने भारत-पाकिस्तान के रिश्ते को सुधारने के लिए बहुत काम किया।

 

हर किसी को बना लेते थे अपना दीवाना:

भारत और पाकिस्तान हमेशा से दुश्मन नहीं थे। अटल जी भी चाहते थे कि जो देश पहले एक हुआ करते थे अब भी मिलजुलकर दोस्त की तरह रहें। इसके लिए उन्होंने अपनी तरफ़ से भरपूर कोशिश भी की। अटल जी की यह कोशिश कामयाब भी भो गयी थी, लेकिन पाकिस्तानी सरकार की ग़लत नीति की वजह से दोनो देशों के बीच फिर से दरार पड़ गयी। उस समय पड़ी दरार आज तक भर नहीं पायी। इसके बाद भी पाकिस्तानी जनता अटल जी के जानें पर दुखी है, यह एक बड़ी उपलब्धि है। अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व ही ऐसा था कि वो हर किसी को अपना दीवाना बना लेते थे।

 


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