THE ADDA
THE ADDA: Hindi News, Latest News, Breaking News in Hindi, Viral Stories, Indian Political News

उमर ख़ालिद पर जानलेवा हमला, महबूबा मुफ़्ती ने बताया इसे लोकतंत्र का मज़ाक़

मीडिया ने भी निभायी है नकारात्मक भूमिका

2,837
SHEIN -Your Online Fashion Jumpsuit

जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता उमर ख़ालिद पर किसी ने सोमवार दोपहर में जानलेवा हमला कर दिया। हालाँकि इस हमले से वह बच गए। उमर ख़ालिद पर हुए इस हमले की कोशिश को जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने लोकतंत्र का मज़ाक़ बताया है। वहीं भाजपा प्रवक्ता और सांसद मिनाक्षी लेखी ने उमर ख़ालिद पर हुए इस जानलेवा हमले को एक प्रोपेगैंडा बताया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उमर ख़ालिद कई दिनों से भाजपा और मोदी की नीतियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे थे।

 

मीडिया ने भी निभायी है नकारात्मक भूमिका:

महबूबा मुफ़्ती ने ट्वीट करके अपनी बात रखते हुए मीडिया पर उमर ख़ालिद को राष्ट्र विरोधी के तौर पर पेश करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल के ज़रिए एक ट्वीट करते हुए कहा कि, ‘आज उमर ख़ालिद के ऊपर नफ़रत फैलाने वालों की तरफ़ से स्वतंत्रता दिवस के दो दिन पहले किया गया हमला भारतीय लोकतंत्र का मज़ाक़ है। मामले में मीडिया ने भी नकारात्मक भूमिका निभाई है और उमर ख़ालिद को राष्ट्र विरोधी के तौर पर पेश करते हुए लोगों में सार्वजनिक उन्माद फैलाने का काम किया है।’

 

दोस्तों के साथ बैठे हुए थे उमर ख़ालिद:

आपको बता दें इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने एक अन्य ट्वीट में लिखा है कि, ‘हमारे जैसे लोकतांत्रिक देश में सहमति और असहमति पूरी तरह से सही है, लेकिन किसी को चुप करना और आवाज़ को बंद करने की कोशिश करना बिलकुल ग़लत है। वो भी केवल इसलिए कि उसके विचार किसी से मिलते नहीं है।’ जानकारी के अनुसार सोमवार को दोपहर में दिल्ली के कॉन्स्टिटूशन क्लब के पास उमर ख़ालिद अपने दोस्तों के साथ बैठे हुए थे। इसी बीच कुछ लोग वहाँ आए और वो उमर की तरफ़ आने की कोशिश करने लगे। बताया जा रहा है कि उन दो लोगों में से एक के पास पिस्तौल भी थी।

 

पीछे से किसी ने कोशिश की उमर का गला दबाने की:

umar khalid

जब वहाँ बैठे लोगों को कुछ शक हुआ तो वो रुक गए फिर वहाँ से फ़रार हो गए। हालाँकि किसी को कोई नुक़सान नहीं हुआ है। उमर ख़ालिद पूरी तरह से बच गए हैं। जाँच के लिए उमर ख़ालिद को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। इस घटना के बाद उमर ख़ालिद ने बताया कि जब वो चाय पीकर लौट रहे थे, तभी उनके ऊपर पीछे से हमला किया गया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उनका गला दबाने की कोशिश की। उन्हें पटककर ज़मीन पर गिरा दिया गया और बंदूक़ निकालकर उनके ऊपर तान दी गयी। उमर ख़ालिद ने बताया कि हमलावरों ने पीछे से हमला किया था, इस वजह से वे उन्हें देख नहीं पाए।

 

SHEIN -Your Online Fashion Blouse

- Advertisement -

भाजपा सांसद और प्रवक्ता मिनाक्षी लेखी बता रही हैं प्रोपेगैंडा:

उमर ख़ालिद ने अपनी जान को ख़तरा बताते हुए पुलिस से आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ़्तार किए जानें की माँग की है। इस हमले की जानकारी देते हुए जॉईंट सीपी अजय चौधरी ने बताया कि उमर ख़ालिद यहाँ एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए आए हुए थे। यहाँ जब वो चाय पीने के बाद बाहर निकले तभी उनके साथ यह घटना घटी। पुलिस को जानकारी नहीं थी कि अंदर कोई कार्यक्रम चल रहा था। जहाँ उमर ख़ालिद पर हुए इस हमले को महबूबा मुफ़्ती लोकतंत्र का मज़ाक़ बता रही हैं, वहीं भाजपा सांसद और प्रवक्ता मिनाक्षी लेखी इसे एक प्रोपेगैंडा बता रही हैं। छात्र नेता और जेएनयू की पूर्व उपाध्यक्ष शहला रशीद ने ट्वीट करके इस घटना को चौंकाने वाला और निंदनीय बताया है।

 

पिछले कुछ सालों में उठाई है केंद्र सरकार और संघ के ख़िलाफ़ आवाज़:

शहला ने कहा कि दिल्ली में किसी ने उमर ख़ालिद को पीछे से गोली मारने की कोशिश की। अभी वह ठीक हैं, लेकिन हम उनकी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं। आपको बता दें पिछले कुछ सालों से जेएनयू में कई बदलाव देखने को मिले हैं, जेएनयू के छात्र मिलकर केंद्र सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ जमकर आवाज़ उठाई है। इससे केंद्र और मीडिया संस्थान छात्रों को देश विरोधी तक कहने लगी है। इस समय देश की हालत यह हो गयी है कि भाजपा जिसे देखो उसे ही देशभक्त का तमग़ा देती फिर रही है और जो उसके ख़िलाफ़ है उसे देशद्रोही बनाने में भी समय नहीं लगा रही है।

 

हो सकती है भाजपा को आने वाले चुनाव में काफ़ी मुश्किलें:

उमर ख़ालिद पर हुए इस हमले के बारे में कई लोगों का यह कहना है कि यह भाजपा की साज़िश हो सकती है। यह बात सभी लोग जानते हैं कि कन्हैया कुमार और उमर ख़ालिद ने भाजपा सरकार की नाक में दम कर दिया है। इससे संघ और भाजपा दोनो काफ़ी चिढ़े हुए हैं। 2019 में लोकसभा चुनाव भी नज़दीक है। कन्हैया और उमर की बातें सुनकर कई लोगों ने अपना मत बदल लिया है। इसी बात का संघ और भाजपा को ख़ूब डर सता रहा है। उन्हें लग रहा है कि अगर ये दोनो ऐसे ही अपनी आवाज़ बुलंद करते रहे तो आने वाला चुनाव उनके लिए काफ़ी मुश्किलों भरा ही सकता है।

 


यह भी पढ़े:

 

 

 

 

Loading...
Loading...

- Advertisement -

SHEIN -Your Online Fashion Blouse

- Advertisement -

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More