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भूपेन हज़ारिका, नानाजी देशमुख और प्रणव मुखर्जी को भारत रत्न

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हर साल गणतंत्र दिवस पर देश में बेहतर काम करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाता है। इसी अवसर पर देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान भारत रत्न भी दिया जाता है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन नामचीन हस्तियों को भारत रत्न देने का ऐलान किया है। इनमें भूपेन हज़ारिका और नानाजी देशमुख को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जा रहा है, जबकि प्रणव मुखर्जी को भी भारत रत्न के सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान असाधारण सेवा के लिए दिया जाता है।

प्रणव मुखर्जी रहे भारत के 13वें राष्ट्रपति:

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सम्मान की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से फोन पर बातचीत की। इसके बाद प्रणब दा ने ट्वीट में लिखा, ‘भारत के लोगों के प्रति विनम्रता और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मैं इस महान सम्मान को स्वीकार करता हूं। देशवासियों ने मुझे शुभकामनाएं दीं। मैंने हमेशा कहा है और मैं दोहराता हूं कि मैंने अपने महान देश के लोगों को जितना दिया है, उससे अधिक मुझे मिला है।’ यह किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति थे। अपने पांच दशकों के राजनीतिक जीवन में वह कई अहम पदों पर रहे। यूपीए सरकार में वह रक्षा, विदेश और वित्त मंत्री थे।

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PM मोदी ने की तारीफ़:

इस ऐलान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों नामचीन हस्तियों की तारीफ करते हुए उन्हें बधाई दी। मोदी ने कहा कि प्रणब दा हमारे समय के एक उत्कृष्ट राजनेता हैं। उन्होंने दशकों तक देश की निस्वार्थ और अथक सेवा की है। भूपेन हजारिका के गीत और संगीत पीढ़ियों से लोगों द्वारा सराहे जाते हैं। उनसे न्याय, सौहार्द और भाईचारे का संदेश जाता है। ग्रामीण विकास के लिए नानाजी देशमुख के महत्वपूर्ण योगदान ने हमारे गांवों में रहने वाले लोगों को सशक्त बनाने के एक नए प्रतिमान की राह दिखाई।


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