THE ADDA
THE ADDA: Hindi News, Latest News, Breaking News in Hindi, Viral Stories, Indian Political News

नवरात्रि का आज पहला दिन, जानिए कलश स्थापना की बिधि व मुहूर्त

0 260

नवरात्रि का आज पहला दिन, जानिए कलश स्थापना की बिधि व मुहूर्त

आज 18 मार्च से चैत्र नवरात्रि आरंभ होने जा रही है. नवरात्रि के यह 9 दिन मां दुर्गा की पूजा व उपासना के दिन होते हैं. कई श्रद्धालु इन दिनों में अपने घर पर मंगल घटस्थापना करते हैं. अखंड ज्योति जलाते हैं. नौ दिनों का उपवास रखते हैं. आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि 2018 के मंगल कलश स्थापना का शुभमुहूर्त एव दीपज्योति प्रज्वलन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त ।
आज प्रात: 9:30 से 12:30 तक शुभ मुहूर्त है. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:03 से 12:51 तक है और सायंकाल का शुभ मुहूर्त 6:30 से 9:30 बजे तक है. नवरात्रि का आज पहला दिन, जानिए कलश स्थापना की बिधि व मुहूर्त

घटस्थापना की सही दिशा-

1. ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) देवताओं की दिशा माना गया है. इसी दिशा में माता की प्रतिमा तथा घट स्थापना करना उचित रहता है.

2. माता प्रतिमा के सामने अखंड ज्योति जलाएं तो उसे आग्नेय कोण (पूर्व-दक्षिण) में रखें. पूजा करते समय मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में रखें.

3. घट स्थापना चंदन की लकड़ी पर करें तो शुभ होता है. पूजा स्थल के आस-पास गंदगी नहीं होनी चाहिए.

इन धार्मिक मान्यताओं के पीछे छिपे हैं वैज्ञानिक कारण

कैसे करें घटस्थापना?

1. घटस्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त में करनी चाहिए.

2. नित्य कर्म और स्नान के बाद ध्यान करें.

3. इसके बाद पूजन स्थल से अलग एक पाटे पर लाल व सफेद कपड़ा बिछाएं.

4. इस पर अक्षत से अष्टदल बनाकर इस पर जल से भरा कलश स्थापित करें.

5. इस कलश में शतावरी जड़ी, हलकुंड, कमल गट्टे व रजत का सिक्का डालें.

6. दीप प्रज्ज्वलित कर इष्ट देव का ध्यान करें.

7. तत्पश्चात देवी मंत्र का जाप करें.

8. अब कलश के सामने गेहूं व जौ को मिट्टी के पात्र में रोंपें.

9. इस ज्वारे को माताजी का स्वरूप मानकर पूजन करें.

10. अंतिम दिन ज्वारे का विसर्जन करें.

बहुत फलदायी है इस बार की नवरात्रि, ऐसे करें पूजा और कलश स्थापना

घटस्थापना में ध्यान रखें ये जरूरी बातें-

1. ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) देवताओं की दिशा माना गया है. इसी दिशा मेंमाता की प्रतिमा तथा घट स्थापना करना उचित रहता है.

2. माता प्रतिमा के सामने अखंड ज्योति जलाएं तो उसे आग्नेय कोण (पूर्व-दक्षिण) में रखें. पूजा करते समय मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में रखें.

3. घट स्थापना चंदन की लकड़ी पर करें तो शुभ होता है. पूजा स्थल केआस-पास गंदगी नहीं होनी चाहिए.

4. कई लोग नवरात्रि में ध्वजा भी बदलते हैं. ध्वजा की स्थापना घर की छतपर वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) में करें.

5. पूजा स्थल के सामने थोड़ा स्थान खुला होना चाहिए, जहां बैठकर ध्यान व पाठ आदि किया जा सके.

6. घट स्थापना स्थल के आस-पास शौचालय या बाथरूम नहीं होना चाहिए. पूजा स्थल के ऊपर यदि टांड हो तो उसे साफ-सुथरा रखें.
कलश स्थापना की विधि

पूजन सामग्री – चावल, सुपारी, रोली, मौली, जौ, सुगन्धित पुष्प, केसर, सिन्दूर, लौंग, इलायची, पान, सिंगार सामग्री, दूध, दही, गंगाजल, शहद, शक्कर, शुद्घ घी, वस्त्र, आभूषण, बिल्ब पत्र, यज्ञोपवीत, मिट्टी का कलश, मिट्टी का पात्र, दूर्वा, इत्र, चन्दन, चौकी, लाल वस्त्र, धूप, दीप, फूल, नैवेध, अबीर, गुलाल, स्वच्छ मिट्टी, थाली, कटोरी, जल, ताम्र कलश, रूई, नारियल आदि।

पूजन विधि:
पहले पूर्व दिशा में मुंख करके मां दुर्गा की चौकी पर लाल वस्त्र बिछायें। मां दुर्गा के बाईं ओर सफेद वस्त्र बिछा कर उस पर चावल के नौ कोष्ठक, नवग्रह एवं लाल वस्त्र पर गेहूँ के सोलह कोष्ठक षौडशामृत के बनाये। एक मिट्टी के कलश पर स्वास्तिक बना कर उसके गले में मौली बांध कर उसके नीचे गेहूं या चावल डाल कर रखें। उसके बाद उस पर नारियल भी रखें। तेल का दीपक एवं शुद्घ घी का दीपक जलाएं और मिट्टी के पात्र में मिट्टी डालकर हल्का सा गीला करके उसमें जौ के दाने डालें, उसे चौकी के बाईं तरफ कलश के पास स्थापित करें। बायें हाथ में जल लेकर दायें हाथ से स्वयं को पवित्र करें और बार-बार प्रणाम करें। उसके बाद दीपक जलायें एवं दुर्गा पूजन का संकल्प लेकर पूजा आरंभ करें।

महाष्टमी – 24 मार्च शनिवार को महाष्टमी पूजन सौभाग्य योग में परिक्रमा, सरस्वती पूजन एवं अन्नपूर्णा परिक्रमा प्रात: 10:06 बजे से आरम्भ करके 25 मार्च को प्रात: 08:03 बजे समाप्त होगी।

महानवमी – 25 मार्च रविवार को प्रात: सिद्घ योग में महानवमी पूजन होगा।

Read more :

Gold Movie Of Akshay Kumar

7 Style Trends Every Man Needs To Know

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More