THE ADDA
THE ADDA: Hindi News, Latest News, Breaking News in Hindi, Viral Stories, Indian Political News

कोबरापोस्ट का “आंपरेशन 136” में ढहा चौथा स्तंभ

बङे- बङे पत्रकार और मीडिया समूह, इस आंपरेशन के दायरे में

157
SHEIN -Your Online Fashion Jumpsuit

न्यूज वेबसाइट कोबरापोस्ट अपनी खोजी पत्रकारिता के लिए जाना जाता है. परन्तु हाल- फिलहाल उसका आपरेशन 136 ने भारतीय लोकतंत्र के चौथे स्तंभ प्रेस की आज़ादी पर जोरदार हमले का दावा किया है.

अगर कोई लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर इतना बङा हमला करता है और देश के तमाम न्यूज चैनलों और अखबारों में कोई खबर नहीं आती, संदेह तो होता ही है. कोबरापोस्ट ने दावा किया है कि स्टिंग आंपरेशन में सामने आया है कि बङें मीडिया समूह सत्तारुढ सरकार के हाथों बिक गये है.

Source – www.cobrapost.com

कोबरापोस्ट ने 25 मई को देश के करीब दो दर्जन से ज्यादा मीडिया संस्थानों पर किए गये स्टिंग आंपरेशन 136 का दूसरा हिस्सा रिलीज़ किया. इस आंपरेशन में इन प्रमुख मीडिया संस्थानों के बङे अधिकायी और मालिक पैसे के एवज में एक सांप्रदायिक राजनीतिक अभियान को विज्ञापन की शक्ल में चलाने का राजी होते नज़र आते है. दिलचस्प बात यह है कि यहां अंडरकबर साफ कह रहा है कि उसका उद्देश्य मीडिया के जरिये ध्रवीकरण करने का है, इस पर भी मीडिया के ये कर्ता- धर्ता आर्थिक लाभ के बदले पत्रकारिता का सौदा करने को बेताब दिखते है.

ऑपरेशन 136: पार्ट-2 असल में भारतीय मीडिया के सबसे विस्मयकारी रूप को दिखाता है, जहां “मीडिया के बड़े घराने” भी ऐसे अभियान को करने के लिए सहमत हो जाते हैं। जिसकी वजह से न केवल देश के नागरिकों के बीच सांप्रदायिक तनाव हो सकता है बल्कि ऐसा करने से किसी खास राजनीतिक पार्टी के खिलाफ झुकाव भी हो सकता है। यही नहीं इस तरह की कोशिश किसी खास पार्टी के पक्ष में चुनावी परिणाम का रूख भी पलट सकती है।

Source – www.cobrapost.com

पत्रकार पुष्प शर्मा ने श्री मद भागवत गीता प्रचार समिति उज्जैन के प्रचारक बनकर अपने प्रस्ताव के साथ इन मीडिया घरों से संपर्क किया। इस मौके को भुनाने के लिए लगभग सभी मीडिया संस्थानों ने अपने सिद्धातों से समझौता कर लिया। हालांकि  दो संस्थानों ने ऐसा ना करके एक मिसाल भी पेश की है। जो वाकई काबिल-ए-तारीफ है। वर्तमान पत्रिका और दैनिक संवाद ने पत्रकार पुष्प के इस अभियान को चलाने से साफ इनकार कर दिया।  

मीडिया घरों के मालिकों और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करते हुए शर्मा ने मोटी रकम के बदले उनसे एक मीडिया अभियान चलाने के लिए कहा। पुष्प ने अपने अभियान के तहत नीचे दिए गए खास बिंदुओं पर चर्चा की-

1 – शुरूआती दौर में पहले तीन महीने हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार ताकि धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से एक अनुकूल माहौल तैयार हो सके।

2 – इसके बाद विनय कटियार, उमा भारती और मोहन भागवत जैसे हिंदुत्व कट्टरपंथियों के भाषणों को बढ़ावा देने के साथ अभियान को सांप्रदायिक लाइनों पर मतदाताओं को संगठित करने के लिए तैयार किया जाएगा।

3 – जैसे ही चुनाव नजदीक आएंगे तो ये अभियान राहुल गांधी, मायावती और अखिलेश यादव जैसे राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के खिलाफ उग्र हो जाएगा। विरोधी नेताओं के लिए पप्पू, बुआ और बबुआ जैसे उपनामों का इस्तेमाल कर जनता के सामने इनकी छवि खराब की जाएगी।

Source – www.cobrapost.com
SHEIN -Your Online Fashion Blouse

- Advertisement -

4 – उन्हें इस अभियान को अपने प्रिंट, इलैक्ट्रोनिक, रेडियो और डिजिटल जैसे- न्यूज़ पार्टल, वेबसाइट और सोशल मीडिया जैसे फेसबुक और ट्वीटर जैसे सभी प्लेटफॉर्म पर चलाना होगा।

इस काम को करने के लिए इन सभी मीडिया घरानों ने पुष्प का गर्मजोशी से स्वागत किया और एजेंडे को हाथों-हाथ लिया। जो बड़े मीडिया संस्थान इस अभियान को चलाने के लिए तैयार दिखें उनमें टाइम्स ग्रुप, इंडिया टुडे ग्रुप, एचटी मीडिया, नेटवर्क 18, ज़ी न्यूज़, स्टार इंडिया, एबीपी न्यूज़, दैनिक जागरण, रेडियो वन, रेड FM, लोकमत, एबीएन आंध्र ज्योति, टीवी-5, दिनामलार, बिग FM, के न्यूज़, इंडिया वॉयस, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, Paytm, भारत समाचार, स्वराज एक्सप्रेस, बर्तमान, दैनिक संवाद, एमवीटीवी और ओपन मैग्जीन शामिल हैं।

Source – www.cobrapost.com

रिर्पोटर पुष्प शर्मा के कहना ये भी है कि ये नामी- गिरामी मीडिया समूह सत्तारुढ सरकार के  लिए कैसी- भी खबर हो चलाने की बात कही, यहां तक इनमें से कुछ भाजपा गठबंधन के नेताओं जैसे अनुप्रिया पटेल, ओमप्रकाश राजभर और उपेन्द्र कुशवाहा के खिलाफ स्टोरी चलाने की बात कही।

आप समझ सकते है देश की मीडिया को जो हिन्दुत्व को बढावा देने, देश में भगवा रंग को गहर करने यहां तक की राजनीतिक प्रतिद्वंदियों और विपक्षी नेताओं के चरित्र को पूरी तरह से धूमिल करने की बात कही.

क्यां कहे हम देश के चौथे स्तंभ को जो ढहने को बेताब है. जिनसे अपने ज़मीर का सौदा कर लिया और अपना मूंह बन कर लिया, मूंह बंद करने के लिए उसे मोटी रकम मिल गयी है.

 हालाकि सभी अखबारो और न्यूज चैनलों ने इस स्टिंग को गलत बताया है. टाइम्स समूह ने अपने बयान में कहा है, ‘हमें पता था कि कोबरापोस्ट का रिर्पोटर संदेहास्पद है. हमारे वरिष्ठ अधिकारियों ने उसकी सच्चाई जानने के लिए उसे लपेटे में लिया ताकि उसके पीछे कौन है, इसका पता लगाया जा सके.’ टाइम्स समूह ने दावा किया है कि जो वीडियो कोबरापोस्ट ने वेबसाइट पर डाला है उसके साथ छेङछाङ की गई है और वो पूरा नहीं है.

टाइम्स समूह की ओर से कहा गया है कि सच तो यह है कि विनीत जैन को पता था कि उनका स्टिंग किया जा रहा है इसलिए वो अमुक रिर्पोटर के खिलाफ उलटा स्टिंग कर रहे थे उसे फसाने के लिए.

  कोबरापोस्ट के इस स्टिंग आंपरेशन में टाइम्स समूह के मालिक और मैनेजिंग डायरेक्टर विनीत जैन को अंडरकवर रिर्पोटर की और से काला धन की पेशकश स्वीकार करते हुए दिखाया गया है.

मामला जो भी हो पर इतनी बङी बात हो जाती है और बङे अखबारो और न्यूज चैनलों में कोई खबर नहीं चलती ये संदेह के दायरे में आता है। 


रिपोर्ट: शम्भू प्रसाद

Loading...
Loading...

- Advertisement -

SHEIN -Your Online Fashion Blouse

- Advertisement -

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More