THE ADDA
THE ADDA: Hindi News, Latest News, Breaking News in Hindi, Viral Stories, Indian Political News

जिस थाने में बाप है सिपाही, उसी थाने में SP बनकर गया बेटा

पहली ही बार में पास कर ली सिविल सेवा की परीक्षा

0 106

हर माँ-बाप का सपना होता है कि उनका बच्चा जीवन में कुछ बेहतर करे, बड़े होकर उनका नाम रोशन करे। जीवन में कुछ ऐसा कर गुज़रे, जिसकी वजह से उनके माँ-बाप का सिर गर्व से ऊँचा हो जाए। कई लोग अपने माँ-बाप के इस सपने को सच भी कर देते हैं। ऐसे में सबसे ज़्यादा ख़ुशी माँ-बाप को ही होती है। भले ही बाप को बेटे को सैल्यूट ही क्यों ना करना हो, लेकिन बाप बहुत ज़्यादा ख़ुश होता है। अब आप सोच रहे होंगे कि बाप आख़िर बेटे को सैल्यूट क्यों करेगा। चिंता मत कीजिए आपको हम इसके पीछे की पूरी कहानी भी बताएँगे।

आईपीएस बेटे को गर्व से सैल्यूट करेगा बाप:

पिता

अक्सर आपने देखा होगा कि एप बाप अपने बेटे को आशीर्वाद देता है। लेकिन जब यही आशीर्वाद देने वाले हाथ सैल्यूट करने के लिए उठे तो बाप से ज़्यादा फ़क्र किसी और को महसूस नहीं हो सकता है। ऐसा ही कुछ होने जा रहा है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में। यहाँ एक कांस्टेबल बाप अपने आईएएस बेटे को गर्व से सैल्यूट करेगा। अब भी आपको शायद कुछ नहीं समझ आया होगा कि आख़िर हम किस बारे में बात कर रहे हैं। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें हम जिसकी बात कर रहे हैं, वह कहानी है आईपीएस अनूप कुमार सिंह की।

करूँगा प्रोटोकॉल का पालन:

अनूप कुमार सिंह एक आईपीएस अधिकारी हैं और इनका ट्रांसफ़र इस समय लखनऊ में हुआ है। सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि अनूप के क्षेत्र में वो थाना आता है, जहाँ पर अनूप के पिता जनार्दन सिंह कंस्टेबाल के पद पर तैनात हैं। लखनऊ पोस्टिंग होने के बाद जनार्दन सिंह अपने बेटे के नीचे काम करेंगे। स्थानीय अख़बारों के अनुसार कंस्टेबल जनार्दन सिंह गर्व से कहती हैं कि मैं ऑन ड्यूटी अपने कप्तान को सैल्यूट करूँगा। वहीं बेटे अनूप सिंह ने कहा कि फ़र्ज निभाने के लिए मैं प्रोटोकॉल का पालन करूँगा।

पिता से सीखे हैं फ़र्ज और संस्कार:

constable-father-will-slaute-his-ips-son-anoop-kumar-singh

अनूप सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने पिता से ही फ़र्ज और संस्कार सीखे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें अनूप सिंह लखनऊ आने से पहले ग़ाज़ियाबाद, नोएडा और उन्नाव जिले में एएसपी के पद पर काम कर चुके हैं। अनूप सिंह ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से अपना ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद मास्टर्स की पढ़ाई के लिए वो दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी चले गए। वहाँ से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अनूप ने सिविल सर्विसेज़ की तैयारी करने के बारे में सोचा। कुछ समय तक तैयारी करने के बाद इन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा दी।

पहली ही बार में पास कर ली सिविल सेवा की परीक्षा:

सबसे हैरानी वाली बात ये है कि पहली बार में ही अनूप ने यूपीएससी सिविल सर्विसेज़ की परीक्षा पास कर ली। इसके बाद वो आईपीएस के लिए चुने गए। जानकारी के अनुसार जनार्दन सिंह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती के नगर थाना क्षेत्र के पिपरा गौतम गाँव के रहने वाले हैं। नौकरी की वजह से ये अलग-अलग जिलों में रहे। अनूप की प्रारम्भिक शिक्षा बाराबंकी से हुई थी। ख़बरों के अनुसार जेएनयू में अच्छे नम्बर आने की वजह से अनूप को छात्रवृत्ति भी मिलती थी। अपने सीमित ख़र्च की वजह से मना करने के बाद भी अनूप अपनी छात्रवृत्ति के पैसे घर भेजते थे। इस समय अनूप सरकारी बंगले में रहते हैं।


Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More