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केरल में रैट फीवर का ख़तरा: 12 लोगों की मौत, 200 से ज़्यादा पीड़ित

कोझिकोड में आए सबसे ज़्यादा मामले सामने

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केरल की बाढ़ को अभी तक लोग भूल नहीं पाए हैं। बाढ़ की वजह से केरल पूरी तरह से तबाह हो गया। सदी की सबसे भयानक बाढ़ के बाद केरल को भारी नुक़सान का सामना करना पड़ा है। लोगों को बने-बनाए घर हमेशा के लिए ख़त्म हो गए। लोगों को सरकारी ठिकानों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। केरल में जैसे-जैसे बाढ़ का ख़तरा कम हुआ दूसरे ख़तरे ने वहाँ जगह ले ली। अब जानकारी मिल रही है कि बाढ़ प्रभावित केरल में महामारी का ख़तरा पैदा हो गया है।

 

इलाज के दौरान हो गयी 12 लोगों की मौत:

rat fever in kerala

आपको बता दें बाढ़ प्रभावित जिलों में लेप्टोस्पिरोसिस नाम की बीमारी तेज़ी से अपने पैर फैला रही है। इसे स्थानीय भाषा में रैट फीवर के नाम से जाना जाता है। सरकार के अनुसार रैट फीवर की वजह से रविवार तक 200 लोगों के प्रभावित होने की पुष्टि हो चुकी है। इस बीमारी से पीड़ित 12 लोगों की इलाज के दौरान मौत भी हो गयी है। बाढ़ के बाद अलग-अलग बीमारियों में अब तक 54 लोगों की जान चली गयी है। बाढ़ के तुरंत बाद कई लोग ज़हरीले जीवों का शिकार भी हुए थे। अब इस बीमारी ने केरल के लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

 

कोझिकोड में आए सबसे ज़्यादा मामले सामने:

स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कहा कि लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है। लेप्टोस्पिरोसिस से बचाव के लिए प्रभावित इलाक़ों में मैरीयन को एंटीबायोटिक (डोक्सीसिलिन) का कोर्स दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार केरल के कोझिकोड जिले में इस बीमारी के सबसे ज़्यादा मामले सामने आए हैं। यहाँ के अस्पतालों में अलग-अलग वार्ड भी बनाए गए हैं। इस बीमारी के फैलने की वजह से केरल के लोगों के ऊपर एक और मुसीबत आ गयी है। पहले से ही बाढ़ की वजह से अपना सबकुछ गँवा चुके लोग इस बीमारी के बाद और परेशानी का सामना कर रहे हैं।

आख़िर क्या है लेप्टोस्पिरोसिस:

rat fever in kerala

 

जानकारों का कहना है कि यह एक तरह का बैक्टीरियल इन्फ़ेक्शन है। यह पानी के ज़रिए फैलता है। इसकी शुरुआत संक्रमित जानवरों के मूत्र से होती है। इससे पीड़ित व्यक्ति को बुखार के साथ ही छाती की माँसपेशियों में भी दर्द होना शुरू हो जाता है।

 

बाढ़ पीड़ितों को मुआवज़ा देने के लिए ज़रूरत है 10 हज़ार करोड़ रुपए की:

केरल के वित्तमंत्री थामस इसाक ने कहा कि हमें केरल में सड़क, पुल और इमारतों की मरम्मत के लिए 20 हज़ार करोड़ रुपए चाहिए। वहीं बाढ़ की वजह से हुई फ़सल और घरों के नुक़सान के लिए हर परिवार को 10 हज़ार रुपए का मुआवज़ा भी देना है। इसके लिए भी 10 हज़ार करोड़ रुपए की ज़रूरत है।

 

राज्य को हुआ है 20 हज़ार करोड़ का नुक़सान:

rat fever in kerala

आपको बता दें केरल में पिछले 8 अगस्त से भारी बारिश शुरू हुई थी। इसकी वजह से लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण छोटे-बड़े लगभग 80 बाँधों के गेट खोलने पड़े। 10 दिन तक राज्य के 14 में से 13 जिले भीषण बाढ़ का सामना करते रहे। इस भयानक आपदा की वजह से 438 लोगों की जान चली गयी। इसकी वजह से राज्य को 20 हज़ार करोड़ रुपए से ज़्यादा का नुक़सान भी हुआ। पेरियार नदी का पानी भरने की वजह से कोच्चि एयरपोर्ट को 15 दिनों के लिए बंद करना पड़ा था।

 

एप के ज़रिए मदद मिलेगी लापता लोगों को ढूँढने में:

केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राज्य के आईटी विभाग ने रिबिल्ड केरल एप बनाया है। इससे बाढ़ में जो लोग लापता हुए हैं, उन्हें ढूँढने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही इस एप के ज़रिए लोग अपने हुए नुक़सान के बारे में शिकायत भी दर्ज करवा सकेंगे। आपको बता दें केरल में आयी बाढ़ अब तक की सबसे विनाशकारी बाढ़ में से एक थी। केरल में ऐसी बाढ़ का सामना एक सदी के बाद करना पड़ा है। इसकी वजह से केरल के लोगों का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया था। केरल में बाढ़ पीड़ितों के लिए लोग खुलकर सामने भी आए हैं।

 


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