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एक बार फिर केजरीवाल हाई कोर्ट के निशाने पर, क्या है मामला जानिए

केजरीवाल- एलजी विवाद में घिरी दिल्ली क्या है इस बार पूरा मामला

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बीते दिनों राजधानी दिल्ली, केजरीवाल- एलजी विवाद में घिरी है. केजरीवाल पिछले ८ दिनों से लगातार हड़ताल में हैं.केजरीवाल और उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज याचिका के तहत हाई कोर्ट ने उनसे कुछ सवाल पूछे हैं .

Delhi High Court aam aadmi partyहाई कोर्ट का कहना है कि वो समझ नहीं पा रहे हैं कि ये हड़ताल है या धरना. कोर्ट ने ये भी सवाल किया कि उन्हें धरना करने की इजाजत किसने दी.

दिल्ली सरकार के वकील से कोर्ट ने कुछ सवाल किये हैं.
१- कोर्ट ने दिल्‍ली सरकार से कहा हम समझ नहीं पा रहे हैं कि ये धरना है या हड़ताल ?
2- इस धरने के लिए उन्हें किसने अनुमति दी?
3- धरने में बैठने का फैसला उनका अपना फैसला था या कैबिनेट का सामूहिक फैसला.
4- क्या एलजी हॉउस में बैठना मान्य है ?
5- वो किसके ऑफिस में बैठे हैं?

दिल्ली सरकार क्यों है हड़ताल में ?
दिल्ली सरकार का कहना है कि कुछ आईएस ऑफिसर्स कि हड़ताल कि वजह से रुकावट आ रही है.
१९ फ़रवरी के दिन देर रात मुख्यमंत्री आवास में बैठक का आयोजन किया गया था.

इस बैठक में मुख्य सचिव के साथ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और मंत्रियों द्वारा बत्तमीज़ी की गयी थी.

इसके विरोध में सरकारी अधिकारीयों ने किसी भी प्रकार के बैठक में आने से मना कर दिया.

आम आदमी पार्टी का सीधा निशाना प्रधानमंत्री पर है. केजरीवाल और उनके समर्थकों द्वारा हड़ताल के दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी की गयी थी.जिसमें सीधे तौर पर कहा गया था “मोदी जी बदला लेना बंद करें.”  Delhi High Court aims Arvind Kejriwalवहीं केजरीवाल ने आईएस ऑफिसर्स के खिलाफ कोर्ट में याचिका दर्ज़ करी है. हाईकोर्ट ने कहा है कि इस मुद्दे का समाधान निकालना जरूरी है.

कोर्ट ने इस मामले में IAS एसोसिएशन को भी पार्टी कहा है. बिजेंद्र गुप्ता, प्रवेश वर्मा, सिरसा, कपिल मिश्रा ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.

हाईकोर्ट में फिलहाल दो याचिकाओं पर सुनवाई होगी.

एक में केजरीवाल निशाने पर है और दूसरे में राज्यपाल. सारी याचिकाओं पर सुनवाई शुक्रवार को होगी.

वहीं गृहमंत्रालय और पीएमओ के वकील का कहना है कि आईएस अफसर हड़ताल पर नहीं हैं.
लेकिन दोनों दलों कि याचिका का उद्देश्य एक ही  है कि सरकारी काम बाधित हो रहे हैं.

केजरीवाल कि मांगे-
दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल से मांग करी है कि पहले वो आईएस अधिकारीयों कि चल रही हड़ताल पर रोक लगाये.                  और जो अधिकारी काम करने से कतराते हैं उन्हें दंड दें.

केजरीवाल का कहना है कि “दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज की आख़िरी किश्त जानी है. अफसरों की हड़ताल की वजह से वो रुकी हुई है. कोर्ट के आदेश पर मैं ब्रिज का मुआयना करने गया. मुआयने पर सभी आईएएस अफ़सरों ने आने से साफ इनकार कर दिया.”

इसके अलावा कईं दूसरे जनकल्याण के काम भी आईएस अधिकारीयों की इस हड़ताल से रुके हुए हैं.

तीसरी मांग है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाये.
एक और बात पर केजरीवाल कहना है. वो है ‘डोर स्टेप डिलीवरी’ की फाइल. जिस पर आईएस अफ़सरों कि कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही है. और ये योजना लागू नहीं हो पा रही है.

आईएस अधिकारीयों कि मांगे –
आईएस अधिकारीयों कि कहना है कि वो किसी भी प्रकार कि हड़ताल में नहीं है.                                                                     जहां बात रही मीटिंग में नहीं आने की वो  सुरक्षा को लेके चिंतित हैं.
वो चाहते हैं कि मुख्यमंत्री और उनके कर्मचारी उनसे १६ फ़रवरी कि घटना के लिए माफ़ी मांगे.
और दूसरी मांग ये है, सरकार अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो


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