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कांवड़िया बनकर गुंडागर्दी करने वाले व्यक्ति को गिरफ़्तार किया दिल्ली पुलिस ने

मौज-मस्ती करने के लिए ज़्यादा लोग उठाते हैं कांवड़

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यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है कि सावन का महीना चल रहा है और इस महीने में भगवान शिव की पूजा की जाती है। भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए दूर-दूर से जल भरकर लाते हैं और भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। इसी वजह से सावन के महीने में हज़ारों-लाखों की संख्या में भक्त कांवड़ लेकर भगवान की भक्ति के लिए निकल पड़ते हैं। देश के हर इलाक़े से भक्त कांवड़ लेकर किसी पवित्र नदी से जल भरकर लाते हैं और भगवान शिव को अर्पित करते हैं।

 

मौज-मस्ती करने के लिए ज़्यादा लोग उठाते हैं कांवड़:

कई बार सावन के महीने में इसकी वजह से काफ़ी भीड़ भी बढ़ जाती है। जहाँ देखो वहीं शिव भक्त अपने भगवान की भक्ति में झूमते हुए नज़र आते हैं। देश के सभी हिस्सों से लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए निकलते हैं और 10-12 दिन के सफ़र के बाद वापस आ जाते हैं। इस दौरान जमकर भगवान की भक्ति करते हैं। हालाँकि आज के समय में यह बहुत कम देखने को मिल रहा है कि कांवड़ लोग भगवान की भक्ति के लिए उठाते हैं। आज के समय में लोग मौज-मस्ती करने के मक़सद से ज़्यादा जानें लगे हैं।

 

कांवड़िये के रूप में होते हैं अपराधी:

delhi police

आज के समय में भगवान शिव की भक्ति की वजह से बहुत कम लोग जाते दिखाई देते हैं। ज़्यादातर मौज-मस्ती और नशा करने के चक्कर में जाते हैं। भगवान शिव की आड़ में उन्हें खुलकर नशा करने का लाइसेंस मिल जाता है। कई बार तो कांवड़िये के रूप में कई अपराधी भी दिख जाते हैं जो अपने अपराध को अंजाम देने के मक़सद से जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हम किसी की धार्मिक भावना को आहत करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, जो समाज में हो रहा है उसके बारे में ही बता रहे हैं। हाल ही हुई कुछ घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि कांवड़ियों के रूप में ज़्यादातर अपराधी ही होते हैं।

 

बढ़ती जा रही है कई राज्यों में कांवड़ियों के उपद्रव की घटनाएँ:

कई बार ये कांवड़िये लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने से भी बाज़ नहीं आते हैं। धर्म के नाम पर ये कहा तक जायज़ है, इसका फ़ैसला आपलोग ख़ुद ही करिए। हाल ही में हुई दिल्ली की एक घटना ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है, कि क्या ये कांवड़िये सच में भगवान शिव के भक्त होते हैं और उन्हें ख़ुश करने के लिए ऐसा करते हैं, या किसी दूसरी वजह से। क्योंकि भगवान का भक्त कभी भी हिंसा पर उतारू नहीं होता है। उसके अंदर तो शिव की भक्ति होती है और दुनिया के लिए प्रेम भरा होता है। मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में कांवड़ियों के उपद्रव की घटनाएँ बढ़ती ही जा रही हैं।

 

एक कांवड़िये को पुलिस ने किया गिरफ़्तार:

हर साल कांवड़ियों का यह आतंक बढ़ता ही जाता है। अब इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सख़्त क़दम भी उठाया है। कोर्ट ने पुलिस को यह आदेश दे दिया है कि जो भी क़ानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करता है, उसके साथ सख़्ती से निपटा जाए। कोई धर्म के नाम पर इंसानियत का क़त्ल नहीं कर सकता है और बेवजह मासूम लोगों को तंग नहीं कर सकता है। हाल ही में दिल्ली में कुछ कांवड़ियों ने जमकर उत्पात मचाया था। कुछ कांवड़ियों ने मिलकर दिल्ली के मोती नगर में उत्पात मचाने के साथ ही तोड़फोड़ भी की। इस मामले में पुलिस ने एक कांवड़िये को गिरफ़्तार कर लिया है।

 

गिरफ़्तार कांवड़िया है इलाक़े का घोषित चोर:

आपको जानकर हैरानी होगी कि दिल्ली पुलिस ने जिस कांवड़िये को गिरफ़्तार किया है, उसकी पहचान राहुल उर्फ़ बिल्ला के रूप में हुई है। वह उत्तम नगर का रहने वाला है। उसके ख़िलाफ़ चोरी के कई मामले भी दर्ज हैं। केवल यही नहीं वह इलाक़े का घोषित चोर भी है। इलाक़े में कभी भी कोई घटना होती है तो लोगों का सबसे पहले शक उसी पर जाता है। मोती नगर में तोड़फोड़ की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हुआ था, जिसके बाद से लोगों ने कई तरह से सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। हालाँकि सभी कांवड़िये ऐसे नहीं होते हैं, लेकिन ऐसे ही कुछ कांवड़ियों की वजह से पूरे कांवड़िये अब बदनाम हो रहे हैं। पुलिस वायरल वीडियो की फूटेज से अन्य कांवड़ियों की तलाश में जुटी हुई है।

 

मौक़े पर ही कार छोड़कर फ़रार हो गए युवक-युवती:

उत्पात मचाने वाले कांवड़ियों की तलाशी दिल्ली पुलिस की चार टीम छापेमारी करके कर रही है। पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बताया कि, मंगलवार की दोपहर को मोती नगर से गुज़र रहे एक कांवड़िये की एक कार से टक्कर हो गयी। जिससे कांवड़िये का गंगा जल गिर गया था। इससे सभी कांवड़ियों ने ग़ुस्से में वहाँ जमकर हंगामा किया। हंगामा बढ़ता देख और कांवड़ियों का ग़ुस्सा देखकर युवक-युवती मौक़े पर ही कार छोड़कर फ़रार हो गए। इसके बाद कांवड़ियों ने जमकर तोड़फोड़ की और कार को पलट दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।

 

धर्म के नाम पर नहीं हो सकता क़ानून से खिलवाड़:

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कांवड़ियों के आतंक को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि आने वाले दिनों में ये कांवड़िये किसी के साथ कुछ भी कर सकते हैं। ना ही इन्हें क़ानून का कोई डर है और ना ही ये लोगों से डरते हैं। क्योंकि जब भी कोई कांवड़ उठता है तो सैकड़ों की संख्या में लोग उसका हिस्सा बनते हैं। ऐसे में उन्हें किसी बात का डर नहीं होता है। इतने कांवड़ियों की संख्या से कोई भी भिड़ने की हिम्मत नहीं करता है। इनके पास हथियार के रूप में डंडे भी होते हैं, जिससे कहीं भी उत्पात मचाना शुरू कर देते हैं। कांवड़ियों द्वारा लगातार बढ़ती ऐसी घटनाओं को देखकर ही आख़िरकार सुप्रीम कोर्ट को यह निर्णय लेना पड़ा कि धर्म के नाम पर क़ानून के साथ खिलवाड़ नहीं होगा।

 

नहीं है या कांवड़ियों के आतंक की पहली घटना:

ऐसे कांवड़ियों की भक्ति देखकर लगता है कि ये भक्ति नहीं बल्कि गुंडागर्दी करने के लिए ही घर से सज-धजकर निकलते हैं, ये भगवान शिव का नाम भी ख़राब कर रहे हैं। इनकी वजह से जो अच्छे और भगवान शिव के सच्छे भक्त कांवड़िये हैं, लोग उन्हें भी इसी नज़र से देखने लगे हैं। अगर ऐसा ही होता रहा तो वह समय दूर नहीं है जब लोग कांवड़िये को देखकर उनसे दूर भागने लगेंगे। कांवड़ियों के आतंक की यह यह कोई पहली घटना नहीं है। उत्तर भारत के लगभग कई राज्यों से कांवड़िये निकलते हैं और भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलकर उनका अभिषेक करते हैं।

 


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