THE ADDA | Hindi News - Breaking News, Viral Stories, Indian Political News In Hindi

नोटबंदी पर आरबीआई की रिपोर्ट से देश में खलबली, विपक्ष ने साधा भाजपा पर निशाना

लाइन में खड़े 140 लोगों की हुई थी मृत्यु

6,451

पीएम मोदी की सबसे महत्वाकांक्षी योजना नोटबंदी को लेकर आरबीआई ने कुछ दिनों पहले एक रिपोर्ट निकाली है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से देशभर में खलबली मची हुई है। रिज़र्व बैंक की सालाना रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी के दौरान 15 लाख 44 हज़ार करोड़ रुपए के नोट बंद किए गए थे। उनमें से 15 लाख 31 हज़ार करोड़ रुपए वापस बैंक में आ गए हैं। केवल 13 हज़ार करोड़ रुपए ही सिस्टम से बाहर जा पाए हैं। आरबीआई की तरफ़ से फ़ाइनल रिपोर्ट आने के बाद से विपक्ष ने भाजपा पर जमकर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

 

आख़िर नोटबंदी से क्या फ़ायदा हुआ:

demonetisation
demonetisation

ज्ञात हो कि 2016 में पीएम मोदी ने बड़ी ख़ुशी के साथ 8 नवम्बर की रात को ऐलान किया था कि उन्होंने काले धन पर और जाली नोटों की समस्या से देश को बचाने के लिए नोटबंदी करने का ऐलान किया है। इसकी वजह से लोगों को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। हालाँकि तब भी उम्मीद थी कि लोगों को हो रही परेशानी उतनी ज़्यादा नहीं है, लेकिन अगर काला धन वापस आ गया तो उससे देश को काफ़ी फ़ायदा होगा। लेकिन आरबीआई की रिपोर्ट आने के बाद सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि मोदी की नोटबंदी से आख़िर क्या फ़ायदा हुआ?

 

लाइन में खड़े 140 लोगों की हुई थी मृत्यु:

विपक्ष भी सवाल उठा रही है कि जब 99.3 प्रतिशत पैसा वापस बैंक में ही आ गया तो इतनी बड़ी नोटबंदी का क्या हुआ। कांग्रेस ने कहा कि अब तो साफ़ हो गया है कि पीएम मोदी की नोटबंदी योजना पूरी तरह से विफल हो गयी है। कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने सवाल उठाया था कि आख़िर मोदी सरकार की नोटबंदी से हासिल क्या हुआ? संजय झा ने कहा कि, ‘अरुण शौरी ने कहा था कि नोटबंदी से बड़ा आर्थिक घोटाला भारत के इतिहास में अबतक नहीं हुआ था। बहुत लोगों को पहले ही बता दिया गया था, इस वजह से उन्होंने अपने काले धन को पहले ही सफ़ेद करवा लिया था। लाइन में खड़े होने वाले 140 लोगों की मृत्यु हुई, उसका किसी को अफ़सोस ही नहीं है। मोदी सरकार ने नोटबंदी से भारत की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया।’

 

नोटबंदी को ठीक से समझा ही नहीं गया:

demonetisation

संजय झा ने आगे कहा था कि नोटबंदी के नाम पर देश में बड़ा मज़ाक़ हुआ है बस और कुछ नहीं। अब मोदी नोटबंदी और अच्छे दिन की बात करते भी नहीं है। वहीं मोदी और भाजपा का बचाव करते हुए भाजपा प्रवक्ता इस्लाम ज़फ़र ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि, नोटबंदी को ठीक से समझा ही नहीं गया। नोटबंदी को एक संगठित सुधार की तरह देखना चाहिए। ऐसा नहीं बताया गया कि नोट आए कहाँ से। इसके साथ ही यह हिसाब भी देना पड़ेगा। सारा हिसाब चल रहा है कार्यवाई की जाएगी। अभी भी भाजपा प्रवक्ता और मोदी भक्त मोदी सरकार की नोटबंदी की सबसे फ़ेल नीतियों का बचाव करते हुए दिखाई देते हैं।

 

देश की जनता को करना पड़ा था कई परेशानियों का सामना:

यह बात किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है कि जिस वादे के साथ पीएम मोदी ने नोटबंदी जैसा क़दम उठाया था, उसका कोई फ़ायदा नहीं हुआ। बल्कि उल्टा इसकी वजह से देश की जनता को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। देशभर के लोग रात-रातभर जागकर ठंड के दिनों में एटीएम की लाइनों में लगते थे, ताकि थोड़े बहुत पैसे निकाल सके। लेकिन यह ना तो भक्तों को दिखाई दिया था और ना ही पीएम मोदी को। आरबीआई की रिपोर्ट आने के बाद भी नोटबंदी को सही ठहराया जा रहा है।

 


यह भी पढ़े- 

 

 

 

 

 

 

Loading...

Loading...

- Advertisement -

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More