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देवरिया मां विंध्यवासिनी बाल संरक्षण गृह कांड का काला सच

खुद जांच की मांनिटरिंग करेगा कोर्ट, पुलिसवालो पर भी कारवाई खुद जांच की मांनिटरिंग करेगा कोर्ट, पुलिसवालो पर भी कारवाई खुद जांच की मांनिटरिंग करेगा कोर्ट, पुलिसवालो पर भी कारवाई खुद जांच की मांनिटरिंग करेगा कोर्ट, पुलिसवालो पर भी कारवाई

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बिहार के मुजफ्फरपुर में 34 बच्चियों के साथ रेप की CBI जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है कि उत्तर प्रदेश के देवरिया में ऐसा ही रुह दहलाने वाला मामल सामने आ गया. देवरिया के माँ विंध्यवासिनी नारी संरक्षण गृह में रहने वाली 10 साल की एक बच्ची ने कहा कि उस संरक्षण में रहने वाली बच्चियों का यौन शोषण किया जाता था. उन्हें जबरन देह व्यापार में ढ़केला जाता था. इसके साथ ही बच्चियों और महिलाओं को यातनाएं दी जाती थी. देवरिया के नारी संरक्षण गृह में रहने वाली एक लड़की 5 अगस्त को संरक्षण गृह से किसी तरह से फरार हो गयी. वहां से भागने के बाद लड़की सीधे महिला थाने पहुंची.

 

करती थी बच्चों की पिटाई:

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वहां बच्ची ने बताया हर रोज शाम 4 बचे के करीब बड़ी-बड़ी गाड़ियों में लोग आते थे. कभी लाल, कभी सफेद, कभी काली गाड़ी आती थी. मैडम उन गाड़ियों में दीदी को ले जाते थे. दीदी लोग अगले दिन रोज सुबह वापस आती थी. जब वो वापस आती थी तो रोती हुई दिखती थी. जब हमलोग पूछते तो कोई भी दीदी हमें कुछ भी नहीं बताती थी. छोटे-छोटे बच्चों से पोछा लगवाया जाता था. जब बच्चे पोछा लगाने से बच्चे इनकार करते थे तो छोटी मैडम और बड़ी मैडम बच्चों की पिटाई करते थे. इतना ही नहीं हमलोगों को खाना भी नहीं दिया जाता था. जिस 10 साल की बच्ची ने यह खुलासा किया वह बिहार की बेतिया जिला की रहने वाली है।

 

बाक़ी लड़कियाँ थी ग़ायब:

जानकारी के अनुसार बच्ची की मां के मरने बाद, पिता ने दूसरी शादी कर ली. सौतेली मां ने उस बच्ची को घर से निकाल दिया, फिर बच्ची नाना- नानी के घर चली गयीं. लेकिन नाना- नानी नें भी बच्ची को अपनी बेटी की मौत का जिम्मेदार माना और उसे शेल्टर होम भेज दिया. तब से यह बच्ची शेल्टर होम में ही रह रही है. पुलिस की छापेमारी मे यहां से तीन लोग गिरफ्तार हुये है. मां विंध्यवासिनी नारी संरक्षण की संचालिका का नाम गिरजा त्रिपाठी है. स्थानिय पत्रकारों की माने तो गिरजा काफी रसूक वाली है. उसका अधिकारियों के साथ-साथ नेताओं से भी अच्छी तालमेल है. जब बच्ची की शिकायत पर देवरिया पुलिस नें पूरी फोर्स के साथ बालिका गृह पर छापा मारा तो पाया की संरक्षण गृह में कुल 42 बच्चियों के नाम हैं, जिनमें से 24 ही संरक्षण गृह में मौजूद हैं और बाकी की लड़कियाँ गायब थी.

 

CBI ने दिया था संस्था को बंद करने का निर्देश:

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इसके बाद पुलिस नें संरक्षण गृह को सील कर दिया, साथ ही मां विंध्यवासिनी बालिका गृह की अध्यक्ष कंचनलता, संचालिका गिरजा त्रिपाठी और गिरजा के पति मोहन को गिरफ्तार कर लिया. गायब हुई 18 लड़कियों की जांच सी.ओ. सिटी और जिला प्रोबेशन अधिकारी को सौंपी गयी है. मां विंध्यवासिनी संरक्षण गृह की मान्यता को 2017 में CBI नें जाँचा था, उसी समय CBI ने इस संस्था को बंद करने का निर्देश दिया था. इसके बाद भी इसे बंद नहीं किया गया. फिर शासन के आदेश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार नें 28 महिलाओं के साथ वहां रह रहे 7 बच्चों को गोरखपुर शिफ्ट करने के लिए पत्र लिखा. लेकिन इस पर भी कोई अमल नहीं किया गया. इसके बाद मां विंध्यवासिनी नारी संरक्षण गृह आराम से चलता रहा.

 

ग़ैरक़ानूनी ढंग से चल रहा है शेल्टर:

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इस बालिका गृह की संचालिक गिरिजा त्रिपाठी ने इस मुद्दे पर हाई कोर्ट में यांचिका दायर कर दी. वहां अभी इस मामले की सुनवाई नहीं हुई है, लेकिन शासन अपनी तरफ से सख्ती कर रहा है. यूपी में महिला एवं बाल कल्याण विभाग की मंत्री रिता बहुगुणा जोशी ने भी कहा है कि देवरिया का शेल्टर होम गैर कानूनी ढंग से चल रहा था. इसे बंद करके वहां की महिलाओं और बच्चों की शिफ्ट करने के आदेश दे दिये गए थे, लेकिन इस आदेश का पालन नहीं हुआ. जांच के दौरान इस संरक्षण गृह में कितनी महिलाएँ, लड़कियाँ रह रही इसका भी कोई पता नहीं चल हैं. पुलिस ने जिन 18 बच्चियों को छुड़ाया है, उन्हें मेडिकल के लिए भेज दिया गया है. ADG (law & order) ने कहा है कि देवरिया मामले की पूरी जांच करायी जा रही है, साथ ही इन बच्चियों का बयान पाक्सों कोर्ट में मेजिस्ट्रेट के सामने कराये जायेगें.

 

सीएम योगी ने किया डीएम सुजित कुमार को संस्पेंड:

देवरिया मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नें प्रमुख सचीव महिला एवं बाल कल्याण विभाग से रिर्पोट तलब की है. इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में सीएम योगी ने डीएम सुजीत कुमार को सस्पेंड कर दिया है. जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार को शासन ने निलंबित कर दिया है, वहीं पूर्व प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी नीरज कुमार और अनूप सिंह विभागीय जांच बैठा दी गयी है पूर्व डीपीओ अभिषेक पांडेय को भी सस्पेंड कर दिया गया है. सूत्रों की मानों तो तत्कालीन डीएम और एसपी की प्राइवेट पार्टी में जाती थी बालिका गृह की अधीक्षिका कंचनलता. डीएम सुजित कुमार के घर जन्मदिन पर जश्न के मौके पर छोटी मैडम पूरी टीम के साथ थी. प्राइवेट पार्टी में तत्कालिन एसपी राकेश शंकर जो अभी बस्ती रेंज के डीआईजी हैं भी मौजूद थे. छोटी मैडम अफसरों की प्राइवेट पार्टी में जाती थी, एक बार स्पेन की महिला मेहमान भी साथ थी.

 

 


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