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सावन के आखिरी सोमवार को शिव को करें ऐसे प्रसन्न

सावन के सोमवार का है बहुत ज़्यादा महत्व

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बम बम भोले के प्रिय सावन महीना अपनी अंतिम चरण पर है। शिव की पूजा के लिए सावन के सोमवार बड़े महत्वपूर्ण होते हैं। सावन का आखिरी सोमवार इस वर्ष शिव कृपा प्राप्त करने का आखिरी मौका होगा। इस मौका पर सभी मनोकामना को पूर्ण करने का अंतिम प्रयास किया जा सकता है। सावन का चौथा और अंतिम सोमवार श्रद्धालुओं को आर्थिक परेशानियों से छुटकारा दिलाने में मदद करेगा। इस दिन भक्तिपूर्वक भगवान शिव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय मिलती है।

सावन के सोमवार का है बहुत ज़्यादा महत्व:

पौराणिक मान्यताओं में भगवान शंकर की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन महाशिवरात्रि के बाद सावन के महीने में आने वाला प्रत्येक सोमवार का महत्व है। सावन महीने में मुख्य रूप से शिव लिंग की पूजा होती है और उस पर जल तथा बेल पत्र अर्पित किया जाता है। इसका विशेष महत्व होता है। काम से जुड़ी परेशानी दूर करने के लिए या फिर घर की खुशियाँ हमेशा बने रहने के लिए सावन का अंतिम सोमवार पुरे मना और भक्ति से करें। आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होगी। इस बार सावन का अंतिम सोमवार 20 अगस्त को है।

सावन के अंतिम सोमवार कैसे करें:

lord shiva

सुबह उठाने के बाद सबसे पहले अपने आपको पवित्र कर घर पर पूजा करें। इसके बाद शिव मंदिर जाएं। मंदिर घर से नंगे पैर जाएं तथा घर से ही जल भरकर ले जाएं। मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें, और धूप, अगरबत्ती लगाकर पूजा भक्ति भाव से करें। वहीं पर खड़े होकर शिव मंत्र का 108 बार जाप करें। दिन में केवल फलाहार करें। संध्या काल में भगवान शिव की पूजा कर उनकी आरती करें।

संपूर्ण कामनाओं की सिद्धि के लिए:

सुबह घर पर पूजा करने के बाद, मंदिर जाकर शिव जी को जल की धारा अर्पित करें। जल अगर अपने घर से ले जाएं तो बहुत अच्छा होग। पूजा करने के बाद “नमः शिवाय” की 11 माला का जाप करें।

संतान प्राप्ति के लिए:

शिव जी को खीर का भोग लगाए। घी के नौ दीपक जलाएं। “ॐ शं शंकराय नमः” इस मंत्र का जाप कम से कम 11 माला करें।

 

विवाह से सम्बन्धित परेशानी दूर करने के लिए:

शिव जी को सुगंध और जल अर्पित करें। “ॐ पार्वतीपतये नमः” की 11 माला का जाप करें। पूजा पूरी विधि विधान से करें।

 

धन दौलत और सुख शांति के लिए :

शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद उनको जल धारा अर्पित करें। “ॐ नमः शम्भवाय” की 11 माला का जाप करें। आखिर में शिव जी की आरती करें। आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होगी।

 


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