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सबकी आँखें नम करके दुनिया से चले गए सदी के महान गीतकार और साहित्यकार गोपालदास नीरज

लम्बे समय से बीमार थे गोपालदास नीरज

Source: ABP news
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गुरुवार का दिन फ़िल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ साहित्य के चाहने वालों के लिए काफ़ी दुःख भरा रहा। हिंदी के मशहूर कवि और गीतकार गोपालदास नीरज 94 साल की उम्र में निधन हो गया। जानकारी के अनुसार गोपालदास नीरज काफ़ी समय से बीमार चारे थे। मंगलवार को ही उन्हें साँस लेने में काफ़ी दिक़्क़त हो रही थी। इसकी वजह से उन्हें मंगलवार को ही आगरा के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। स्थिति ज़्यादा नाज़ुक होने की वजह से उन्हें दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती करवाया गया था, जहाँ उन्होंने अंतिम साँसे ली।

बना हुआ है ग़म का माहौल:

गोपालदास नीरज निरंतर बॉलीवुड फ़िल्मों में, हिंदी साहित्य में बाद योगदान दिया है। इसके साथ ही इन्होंने मंचीय कवि के रूप में भी काफ़ी प्रसिद्धि हासिल की। गोपालदास द्वारा लिखे हुए प्रसिद्ध फ़िल्मी गीतों में, शोख़ियों में घोला जाए फूलों का शबाब, लिखे जो ख़त तुझे, ऐ भाई…ज़रा देख के चलो, दिल आज शायर है, खिलते हैं गुल यहाँ, फूलों के रंग से, रंगीला रे, तेरे रंग में, और आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ, प्रमुख रहे हैं। गोपालदास के जाने के बाद बॉलीवुड सहित साहित्य जगत में गम का माहौल बना हुआ है।

2007 में नवाज़ा गया पद्मभूषण सम्मान से:

 गोपालदास नीरज

गोपालदास नीरज को उन्हें बेहतरीन काम के लिए 1991 में पद्मश्री से भी नवाज़ा जा चुका है। बाद में 2007 में उन्हें पद्मभूषण भी प्रदान किया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी उन्हें साहित्य सम्मान यशभरती से नवाज़ा था। कारवाँ गुज़र गया ग़ुबार देखते रहे, जैसे मशहूर गीत के लिए उन्हें फ़िल्म फ़ेयर से भी नवाज़ा गया था। गोपालदास नीरज को ‘आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ’, ऐ भाई ज़रा देख के चलो’ ने गीतकारों की लिस्ट में बुलंदियों पर पहुँचा दिया। गोपालदास नीरज के एक दर्जन से भी ज़्यादा कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।

नहीं भुलाया जा सकेगा अनंत समय तक:

आपकी जानकारी के लिए बता दें गोपालदास नीरज का जन्म 4 जनवरी 1924 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के पुरावली गाँव में हुआ था। 1970, 1971, 1972 में उन्हें फ़िल्म फ़ेयर पुरस्कार से नवाज़ा गया था। गोपालदास नीरज की मौत के बाद देश के तमाम बड़े नेताओं ने ट्वीट करके दुःख व्यक्त किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ट्वीटर हैंडल से भी दुःख व्यक्त करते हुए पोस्ट किया गया है। पोस्ट में ‘कवि गोपालदास नीरज की प्रसिद्ध रचनाओं और गीतों को अनंत समय तक बुलाया नहीं जा सकेगा’ लिखा हुआ है।

गोपालदास नीरज के बारे में अधिक जानने के लिए वीडियो देखें:-

गोपालदास नीरज की कुछ प्रमुख रचनाएँ इस तरह हैं:

*-दर्द दिया है

*-आसावरी

*-बादलों से सलाम लेता हूँ

*-गीत जो गाए नहीं

*-कुछ दोहे नीरज के

*-नीरज की पाती

*-नीरज दोहावली

*-गीत-अगीत

*-कारवां गुजर गया

*-पुष्प पारिजात के

*-काव्यांजलि

*-नीरज संचयन

*-नीरज के संग-कविता के सात रंग

*-बादर बरस गयो

*- मुक्तकी

 


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