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गुजरात ने दिया ग़रीब सवर्णों को सबसे पहले आरक्षण, आज से लागू

Gandhinagar: Gujarat Chief Minister Vijay Rupani casts his vote for the presidential election 2017 in Gandhinagar on Monday. PTI Photo (PTI7_17_2017_000192B)
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आने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोदी सरकार ने एक बहुत बड़ा चुनावी दाव खेला है। इसके अंतर्गत भाजपा ने ग़रीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐलान किया है। हालाँकि यह अभी तक पूरे देश में लागू नहीं हुआ है, लेकिन मोदी के गृहप्रदेश गुजरात में सरकार ने ऐलान किया है कि वह सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को आज से लागू करेगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को 10 फीसदी आरक्षण दिलाने वाले संवैधानिक संशोधन को मंजूरी दे दी। प्रदेश सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा, “14 जनवरी को उत्तरायण शुरू होने के साथ सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा।

नौकरियों के लियी नए सिरे से की जाएगी घोषणा:

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”इसमें कहा गया कि आरक्षण की नई व्यवस्था उन दाखिलों और नौकरियों के लिये भी प्रभावी होगी जिनके लिये विज्ञापन 14 जनवरी से पहले जारी हुआ हो लेकिन वास्तविक प्रक्रिया शुरू न हुई हो। ऐसे मामलों में दाखिला प्रक्रिया और नौकरियों के लिये नए सिरे से घोषणाएं की जाएंगी। विज्ञप्ति में कहा गया कि भर्ती या दाखिला प्रक्रिया परीक्षा या साक्षात्कार 14 जनवरी से पहले शुरू हो चुके हैं तो 10 फीसदी आरक्षण लागू नहीं होगा। गुजरात कांग्रेस प्रमुख अमित चावड़ा ने इस घोषणा की निंदा करते हुए कहा कि इससे भ्रम फैलेगा।

पिछड़ा वर्ग को मिलने वाले आरक्षण से होगा अलग:

सवर्ण वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 जनवरी को मुहर लगाई जिसके बाद आरक्षण व्यवस्था को लागू करने के लिए 8 जनवरी को लोकसभा में संविधान का 124वां संशोधन विधेयक 2019 पेश किया गया था लंबी बहस के बाद यह विधेयक लोकसभा में पास हो गया। इसके अगले दिन राज्यसभा में इस संशोधन विधेयक को पेश किया गया और लंबी बहस के बाद यहां भी पास कर दिया गया। दोनों सदनों से बिल पास होने के बाद मंजूरी के लिए राष्ट्रपति कोविंद के पास भेजा गया। जहां राष्ट्रपति कोविंद ने भी बिल पर हस्ताक्षर कर अपनी मंजूरी दे दी। यह आरक्षण अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों को मिलने वाले 49.5 फीसदी आरक्षण से अलग होगा।


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