THE ADDA
THE ADDA: Hindi News, Latest News, Breaking News in Hindi, Viral Stories, Indian Political News

तेजस विमान बनाने वाले HAL की हालत ख़राब, कर्मचारियों का वेतन देने का भी पैसे नहीं

OLYMPUS DIGITAL CAMERA
0 207

हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड यानी की HAL और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों की बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह संस्था इस समय भयंकर आर्थिक तंगी की स्थिति से गुज़र रही है। बैठक में इस संस्था को आर्थिक तंगी के दौर से उबारने पर चर्चा हुई। एचएएल इतने मुश्किल दौर से गुजर रहा है कि उसे अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए बैंक से 1000 करोड़ रुपये का कर्जा लेना पड़ा है। राफेल सौदे से अलग थलग पड़ने का मलाल भी इसके कर्मचारियों को है।

HAL को मलाल है राफ़ेल सौदा न मिलने का:

खुद का ट्रेनर और लड़ाकू विमान तेजस बनाने की कूबत रखने वाला HAL आज आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है। उसे अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए एक हजार करोड़ का कर्ज लेने के लिए मजबूर होना पड़ा वो भी इसलिए क्योंकि तकरीबन 16000 करोड़ का बकाया वायु सेना ने अब तक नहीं चुकाया। एचएएल के कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं। पिछले 75 सालों में 4000 के आसपास जहाज़ और हेलीकॉप्टर एचएएल ने बनाए हैं। इनमें जगुआर हॉक और मिराज जैसे बड़े लड़ाकू जहाज़ शामिल हैं। इसके बावजूद राफ़ेल का ठेका नहीं मिलने का मलाल भी एचएएल को है।

हमारी क्षमता है किसी भी तरह के जहाज़ बनाने की:

एचएएल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आर श्रीनिवासन का कहना है कि “पहले सब ठीक था लेकिन पिछले तीन महीनों से हमारी परेशानी शुरू हुई। हमने रक्षा मंत्रालय की सभी अपेक्षाओं को पूरी किया है। वायुसेना अध्यक्ष ने भी हमारी क्षमताओं को सराहा लेकिन अचानक हमारी क्षमताओं पर सवाल उठाया गया। हम बता दें कि हमारी क्षमता किसी भी तरह के जहाज बनाने की है।”

राफ़ेल सौदे में मोदी सरकार ने दिया अनिल अंबानी का नाम:

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राफ़ेल सौदे में HAL का नाम आया था। राहुल गांधी भाजपा पर हमेशा यह आरोप लगाते रहे हैं कि मोदी ने राफ़ेल सौदा बदलकर HAL की जगह अनिल अंबानी की कंपनी को सौदा दे दिया है। इसी वजह से HAL की हालत और ख़राब हो गई है। अगर HAL को यह सौदा मिला होता तो उसकी आर्थिक तंगी कम हुई होती, लेकिन मोदी सरकार ने HAL की जगह यह सौदा अनिल अंबानी की कंपनी को दिया, जिसे ज़रा भी इस क्षेत्र का अनुभव नहीं है।


Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More