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इस तरह से आप भी कर सकते हैं अपनी छठी इंद्री को जागृत, ऋषि-मुनि ऐसे ही करते थे भविष्यवाणी

हर इंसान के अंदर मौजूद होता है सिक्स्थ सेंस

sixth sense
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हर इंसान अपने आने वाले समय के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहता है। वह चाहता है कि ज़्यादा से ज़्यादा अपने भविष्य के बारे में जान लिया जाए। अपने इसी सवाल के जवाब को पानें के लिए वह यहाँ-वहाँ भटकता रहता है। कुछ लोग इसका जवाब पानें के लिए पंडित, बाबाओं और ज्योतिषियों के चक्कर भी लगाते हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अगर थोड़ा सा प्रयास किया जाए तो कोई भी व्यक्ति अपने बारे में ख़ुद ही सबकुछ जान सकता है। भविष्य में उसे किन चीज़ों का सामना करना पड़ेगा, इसका पता वह अपने सिक्स्थ सेंस से ख़ुद ही लगा सकता है।

 

दिखाई नहीं देता है सिक्स्थ सेंस:

इस शब्द के बारे में अपने कई बार सुना होगा, लेकिन बहुत कम लोग ही हैं जो इसके बारे में अच्छे से जानते हैं। क्या आप भी जानते हैं कि सिक्स्थ सेंस आख़िर किस चिड़िया का नाम है? क्या आप यह जानते हैं कि यह किस तरह से काम करता है। अगर नहीं जानते हैं तो चिंता मत कीजिए हम आपको इसके बारे में सबकुछ बताएँगे। जैसा कि आप लोग भी जानते हैं कि हर व्यक्ति के शरीर में पाँच इंद्रियाँ होती हैं, जिनमें आँख, कान, नाक, जीभ और त्वचा शामिल है। इसके अलावा इंसान में एक और सेंस मौजूद होता है जो दिखाई नहीं देता है।

 

हर इंसान के अंदर मौजूद होता है सिक्स्थ सेंस:

sixth sense
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इसे केवल हम महसूस कर सकते हैं, इसी को सिक्स्थ सेंस कहा जाता है। आपने भी कभी ना कभी इस बात को महसूस किया होगा कि भविष्य में होने वाली किसी घटना का संकेत आपको पहले ही मिल जाता है। ऐसा लोगों की सिक्स्थ सेंस की वजह से ही होता है। सिक्स्थ सेंस ज़िंदगी में होने वाली चीज़ों के बारे में पहले से ही आगाह करता है। यह बात बिलकुल ग़लत है कि सिक्स्थ सेंस कुछ ख़ास लोगों में ही होता है, अगर वैज्ञानिकों की मानें तो यह हर इंसान के अंदर मौजूद होता है। यह व्यक्ति की मानसिक चेतना से जुड़ा होता है।

 

 

प्रयास करके जगाया जा सकता है अपनी छठी इंद्री को:

आपको बता दें व्यक्ति के कपाल के नीचे एक छोटा सा छेद मौजूद होता है। यह वही छिद्र है जहाँ से सुषुम्ना नाड़ी रीढ़ से होती हुई मूलाधार तक जाती है। यही सुषुम्ना नाड़ी सात चक्रों और छठी इंद्री का केंद्र मानी गयी है। ऐसा माना जाता है कि छठी इंद्री शिथिल रूप में होती है। अगर इसे कोई जागृत करना चाहता है तो कर सकता है, लेकिन यह इतना आसान नहीं है। अगर लगातार सही तरीक़े से प्रयास किया जाए तो छठी इंद्री को जागृत किया जा सकता है। नियमित प्राणायाम से अपने सिक्स्थ सेंस को जागृत किया जा सकता है।

 

छठी इंद्री जागृत करने के लिए करें प्राणायाम:

sixth sense
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अपनी छठी इंद्री को जागृत करने के लिए सबसे पहले आपको अपने दोनो भौंहों के बीच ध्यान केंद्रित करना होगा। ऐसा करने से आज्ञा चक्र जागृत होने लगता है और धीरे-धीरे व्यक्ति की छठी इंद्री जागृत हो जाती है। इसके अलावा आप चाहे तो आँख बंद कर एक-एक कर अपने शरीर के सभी अंगों पर ध्यान केंद्रित करें। इस दौरान उन अंगों में होने वाली तमाम क्रियाओं को महसूस करने की कोशिश करें। कुछ देर तक ऐस करने के बाद आपको लगने लगेगा कि आपके सभी अंग शिथिल हो गए हैं। अगर नियमित रूप से ऐसा किया जाए तो अपनी छठी इन्द्रिय को जगाया जा सकता है।

 

आसानी से जान सकते हैं अपने और दूसरों के भविष्य के बारे में:

कोई भी व्यक्ति जो अपनी छठी इन्द्रिय को जागृत कर लेता है, वह भविष्य में होने वाली घटनाओं के बारे में पहले से ही जान लेता है। वह ख़ुद का और दूसरों का भविष्य आसानी से जान सकता है। अगर आप भी चाहते हैं कि आप अपने भविष्य के बारे में जानें और अपनी छठी इन्द्रिय को जागृत करें तो ऊपर बतायी गयी सभी बातों का ध्यानपूर्वक पालन करें। कुछ ही दिनों की कठिन साधना के बाद आप ऐसा करने में सक्षम हो जाएँगे।

 


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