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भारत की इस कोठी से ख़ास रिश्ता है पाकिस्तान के होने वाले प्रधानमंत्री इमरान खान का, जानें

आज भी देखा जा सकता है लोगों के जीवन पर बँटवारे का असर

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यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है कि पहले भारत और पाकिस्तान एक ही देश हुआ करते थे। भारत बहुत बड़ा हुआ करता था, लेकिन अंग्रेज़ों ने ऐसी चाल चली की आज भारत दो हिस्सों में बँट गया है। अंग्रेज़ तो भारत छोड़कर चले गए, लेकिन भारत में फूट डाल गए। भारत दो टुकड़ों में बँट गया। पहला भारत बना और दूसरा बना पाकिस्तान। उस समय यह बँटवारा धर्म के आधार पर किया गया था। पाकिस्तान मुस्लिम देश बना जबकि भारत हिंदू देश बना। हालाँकि उस समय लोगों को यह आज़ादी थी कि वो दोनो में से किसी देश में भी जा सकते हैं।

 

आज भी देखा जा सकता है लोगों के जीवन पर बँटवारे का असर:

imran khan

बँटवारे के समय कई लाख लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था और करोड़ों लोग विस्थापित हुए थे। कई ऐसे लोग थे जिनका पूरा परिवार भारत में रहता था, लेकिन उन्हें पाकिस्तान में जाना पड़ा। उन्हें नए सिरे से अपना जीवन शुरू कर पड़ा। इसमें उन्हें काफ़ी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। हालाँकि अब भारत और पाकिस्तान के बँटवारे के कई साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी कई लोगों के जीवन पर उस बँटवारे का असर देखा जा सकता है। आजतक कई लोग उस बँटवारे के दंश को भूल नहीं पाए हैं। बँटवारें ने उनका सबकुछ छिन लिया।

 

 

इस जगह के लोग बहुत ख़ुश हैं इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने पर:

 

आप तो जानते ही हैं कि पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसान चुनाव में जीत चुकी है। इसके साथ ही इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने की राह भी खुल गयी है। पाकिस्तान में इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने की वजह से जश्न का माहौल है, वहीं भारत में भी एक ऐसी जगह है, जहाँ इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने पर बहुत ख़ुश हैं। जी हाँ आपको यह जानकर काफ़ी हैरानी हो रही होगी, लेकिन यह सच है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने पर आख़िर किसी भारतीय को ख़ुशी कैसे हो सकती है?

 

इमरान खान की माँ का जन्म हुआ था भारत में:

imran khan

जानकारी के अनुसार इमरान खान और एक पीली कोठी का बहुत ही गहरा नाता है। यक़ीनन इसके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। आपको बता दें हम जिस जगह की बात कर रहे हैं, वह पंजाब के जालंधर की दानिशमंदा है। इस जगह पर एक पीली कोठी है। आपको जानकर बहुत आश्चर्य होगा कि इसी पीली कोठी में इमरान खान की माँ शौक़त खानम का जन्म हुआ था। जी हाँ इमरान खान का ननिहाल भारत में ही था। जब भारत और पाकिस्तान का बँटवारा हुआ था तो शौक़त खानम का परिवार पाकिस्तान चला गया था। लेकिन आज भी इस कोठी से इमरान खान का ख़ास रिश्ता है।

 

 

चार साल पहले इमरान खान आए थे इस कोठी में:

बताया जाता है कि आज से लगभग 4 साल पहले इस कोठी में इमरान खान आए थे। उस समय वो पाकिस्तान के एक जूझारू नेता हुआ करते थे। अब जब इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन रहे हैं तो यहाँ के लोग चाहते हैं कि इमरान खान एकबार यहाँ फिर से आएँ। इमरान खान यहाँ आकर भारत-पाकिस्तान के रिश्ते के बीच जो खटास पैदा हुई है, उसे ख़त्म करें। यहाँ के स्थानीय बुज़ुर्गों ने बताया कि एक समय यहाँ बहुत कोठियाँ हुआ करती थी और उन कोठियों में पठान रहा करते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। यहाँ की ज़्यादातर कोठियों को तोड़कर रेनोवेट कर दिया गया है।

 

इस पुरानी कोठी का नाम था अमानत मंज़िल:

imran khan

भले ही यहाँ की अन्य कोठियों को तोड़ दिया गया हो लेकिन आज भी इमरान खान के माँ की कोठी वैसी की वैसी ही है। इस कोठी के दरवाज़े पर एक पत्थर भी लगा हुआ है, जिसपर लिखा है अमानत मंज़िल। इससे यही अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि जिस समय यह आलीशान हवेली हुआ करती थी, उस समय इस कोठी का नाम अमानत मंज़िल रहा होगा। अब जब कुछ ही दिनों में इमरान खान पाकिस्तान के वज़ीर-ए-आला बन जाएँगे तो क्या वो एक बार फिर अपनी माँ की इस पुरानी हवेली में आएँगे या नहीं, यह तो समय ही बताएगा। लेकिन एक बात तो तय है कि यहाँ के लोगों को इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने पर काफ़ी ख़ुशी हुई है।

 

आने वाले समय में कैसे होंगे भारत-पाकिस्तान के रिश्ते:

आपको बता दें इमरान खान के पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने पर भारत में कई तरह की बातें की जा रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इमरान खान के पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने पर भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सुधर सकते हैं। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते में दूरी और बढ़ सकती है। बताया जाता है कि इमरान खान का पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई से अच्छा सम्बंध है और यह बात सभी लोग जानते है कि आईएसआई कभी भी भारत के साथ अच्छे रिश्ते नहीं चाहती है।


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