THE ADDA | Hindi News - Breaking News, Viral Stories, Indian Political News In Hindi

जेटली का राहुल गांधी पर हमला, कहा, एनपीए और राफ़ेल पर झूठ बोल रहा है मसखरा शहज़ादा

जेटली ने राहुल गांधी को कहा मसखरा शहज़ादा

3,632

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नज़दीक आता जा रहा है, कांग्रेस का हमला भाजपा के ऊपर बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस लगातार राफ़ेल और एनपीए मामले में भाजपा के ऊपर हमला बोल रही है। वहीं भाजपा भी पीछे हटती हुई नहीं दिखाई दे रही है। दोनों ही पार्टियों को यह अच्छे से पता है कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले इसी साल के अंत में पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सही तरीक़ा यही है कि एक-दूसरे की जितनी कमियाँ गिना सकें, उसका फ़ायदा चुनाव में मिल सकता है।

 

जेटली ने राहुल गांधी को कहा मसखरा शहज़ादा:

राहुल गांधी के हमलों का जवाब देते हुए और उनके ऊपर कड़ा प्रहार करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें क्लाउन प्रिंस यानी मसखरा शहज़ादा तक कह दिया। जेटली का कहना है कि राहुल गांधी मोदी सरकार के 15 उद्योगपतियों का ढाई लाख करोड़ रुपए क़र्ज़ माफ़ करने के बारे में झूठ बोल रहे हैं। जेटली ने भाजपा का बचाव करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने किसी भी उद्योगपति का एक भी पैसा क़र्ज़ माफ़ नहीं किया है। जेटली ने फ़ेसबुक पर ‘फाल्सहुड ऑफ़ ए क्लाउन प्रिंस’ शीर्षक से लेख लिखा।

 

यूपीए सरकार ने बैंकों को लूटने दिया:

जेटली ने उसमें कहा कि, लोन लेने वालों के डिफाल्ट करने पर भी पूर्व की यूपीए सरकार ने एनपीए को छुपाकर रखा। राहुल गांधी की हक़ीक़त तो यह है कि यूपीए सरकार ने बैंकों को लूटने दिया। जब लोन दिया गया तो उस समय कोई छानबीन नहीं की गयी। उस समय की सरकार इस अपराध के लिए ज़िम्मेदार है। जेटली ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए, उनके ऊपर झूठ गढ़ने और इसे बार-बार दोहराने का आरोप लगाया है। जेटली ने कहा कि परिपक्व लोकतंत्र में जो असत्यता पर भरोसा करते हैं, वे सार्वजनिक जीवन के लिए अनफ़िट होते हैं।

 

राहुल गांधी ने हर बार बोला है झूठ:

जेटली ने आगे कहा कि, कई लोग राजनीति से इसलिए ग़ायब हो गए, क्योंकि उन्हें झूठ बोलते हुए पकड़ लिया गया था। जेटली ने राहुल गांधी पर अपना हमला तेज़ करते हुए कहा कि राफ़ेल मामले में राहुल गांधी ने अपना पहला झूठ गढ़ा। उन्होंने दूसरा झूठ यह गढ़ा कि मोदी सरकार ने 15 उद्योगपतियों का ढाई लाख करोड़ रुपए का क़र्ज़ माफ़ कर दिया है। राहुल गांधी ने जितनी बार भी यह दोहराया, उन्होंने झूठ ही बोला। जेटली ने 12 बड़े डिफाल्टरों- भूषण स्टील व एस्सार स्टील का ज़िक्र करते हुए कहा कि यूपीए के नेता दावा कर रहे हैं कि 2014 में जब उनकी सरकार सत्ता से गयी, उस समय एनपीए की राशि 2. 5 लाख करोड़ रुपए थी, जबकि हक़ीक़त यह है कि उस समय एनपीए छुपाकर रखे गए थे।

 

यूपीए सरकार ने रिकवरी के लिए नहीं उठाया प्रभावी क़दम:

रिज़र्व बैंक ने जब 2015 में एस्सेट क्वालिटी रिव्यू किया तब पता चला कि वास्तव में एनपीए की राशि 8.96 लाख करोड़ रुपए थी। यूपीए सरकार के कार्यकाल में एनपीए की वास्तविक राशि को छुपाकर रखा गया था। जेटली ने कहा कि यूपीए सरकार ने कभी एनपीए की रिकवरी के लिए प्रभावी क़दम नहीं उठाया। जेटली ने आगे कहा कि 2014-15 के बाद एनपीए में इसलिए वृद्धि नहीं हुई कि अधिक पैसा उधार दिया गया, बल्कि यह इसलिए वृद्धि हुई कि पहले से बक़ाया राशि पर ब्याज बढ़ता गया।

 

क़र्ज़ों को वसूलने के लिए मोदी सरकार ने उठाए प्रभावी क़दम:

कई डिफाल्टरों के खातों को रिस्ट्रक्चर कर दिया गया। यूपीए सरकार के दौरान इन खातों को एनपीए घोषित नहीं किया गया। जबकि मोदी सरकार ने दिवालियेपन पर क़ानून बनाकर इन क़र्ज़ों को वसूलने के लिए प्रभावी क़दम उठाए। जेटली ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने राफ़ेल डील पर झूठ बोला। एनपीए पर झूठ बोला। तथ्यों को गढ़ने के उनके स्वभाव से एक जायज़ सवाल उठता है कि जिन लोगों के स्वभाव में असत्यता है, क्या उन्हें जन चर्चा में शामिल होना चाहिए। जेटली ने कहा कि, विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को गम्भीरता से आत्ममंथन करना चाहिए। क्या सार्वजनिक विमर्श को एक मसखरे शहज़ादे के झूठे कथनों से प्रदूषित होना चाहिए?

 

 


 

Loading...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Loading...

- Advertisement -

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More