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महिला आयोग ने उठाया सवाल, केरल के चर्च में महफ़ूज़ नहीं है सिस्टर

केरल के चर्चों में हो रही हैं ऐसी कई घटनाएँ

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हाल ही में केरल के एक चर्च में नन के साथ हुई बलात्कार मी घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। हर जगह यही चर्चा हो रही है कि जब धर्म के रक्षक ही भक्षक बन जाएँ तो फिर आम लोगों का क्या कहना। केरल में नन के साथ हुई बलात्कार की घटना के बाद महिला आयोग भी हरकत में आ गया है। पीड़ित नन की तुलना वैश्या से किए जानें के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने राज्य के निर्दलीय विधायक पीसी जॉर्ज को 20 सितम्बर तक हाज़िर होने का आदेश दिया गया है।

 

करवाए शोषण की घटनाओं का किसी केंद्रीय एजेंसी से जाँच:

हाज़िर ना होने की स्थिति में पुलिस द्वारा समन भेजने की भी चेतावनी दी गयी है। महिला आयोग ने केरल के चर्चों पर सवाल भी उठाया है। नन के साथ हुई बलात्कार की घटना के बाद महिला आयोग ने छानबीन की और एक रिपोर्ट बनकर केरल सरकार को भेजी। इसके साथ ही महिला आयोग ने कार्यवाई करने की भी माँग की। आपको बता दें महिला आयोग की तरफ़ से जो जाँच रिपोर्ट है, उसमें महिला आयोग ने केरल सरकार से सिफ़ारिश की है कि केरल के चर्चों में बढ़ती रेप और शोषण की घटनाओं की बेहतर तरीक़े से किसी केंद्रीय एजेंसी से जाँच करवाए।

 

केरल के चर्चों में हो रही हैं ऐसी कई घटनाएँ:

nun rape case

इसके साथ ही महिला आयोग ने यह भी सिफ़ारिश की है कि चर्च किसी भी हाल में कंफ़ेशन के रिवाज का ग़लत इस्तेमाल ना करे। जिससे पादरी कंफ़ेशन करने वाले व्यक्ति को ब्लैकमेल करके उसका फ़ायदा ना उठा सके। एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि इस मामले की जाँच के दौरान उन्हें कई ऐसी शिकायतें भी मिली हैं, जिसके मुताबिक़ केरल में चर्च के द्वारा आनंद के साथ ऐसी कई घटनाओं की सम्भावना जताई जा रही है।

 

हो गयी थी केरल के एक नन की हत्या:

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा जल्द ही केरल के दौरे पर जाएँगी और राज्य के डीजीपी के साथ-साथ राज्य के मुख्यमंत्री से भी इस मामले में मिलकर कार्यवाई की माँग करेंगी। आपको जानकर हैरानी होगी कि केरल में नन इस समय सुरक्षित नहीं है। अभी कुछ दिनों पहले ही एक नन की हत्या हो गयी थी। इस मामले में भी राष्ट्रीय महिला आयोग ने केरल के डीजीपी को चिट्ठी लिखकर जाँच से जुड़ी सारी जानकारी साझा करने के निर्देश दिए हैं। आयोग की नन की हत्या के पीछे उसके साथ किया गया बलात्कार भी लगता है।

 

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चर्च ने की पिड़िता के साथ ज़्यादती:

आपको बता दें महिला आयोग की तरफ़ से जो रिपोर्ट मिली है, उसके अनुसार नन के साथ बलात्कार की घटना होने के बाद भी चर्च ने उस महिला नन के साथ ही ज़्यादती की। जबकि होना यह चाहिए था कि दोषी को सज़ा दी जाती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, चर्च ने भी महिला को ही दोषी ठहरा दिया। आपको यह जानकर काफ़ी हैरानी होगी कि पिड़िता नन का खाना-पानी बंद कर दिया गया और मदर सुपीरियर ने उस महिला से बात करना भी बंद कर दिया था। महिला की किसी भी तरह से मदद नहीं की गयी। इसके बाद महिला आयोग ने जाकर चर्च को निर्देश दिए की नन को पूरी मदद मुहैया करवाई जाए।

 

ईश्वर की सेवा करने वाली सिस्टर महफ़ूज़ नहीं है:

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जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय महिला आयोग को कई शिकायतें मिली हैं कि केरल के कई चर्चों में नन के साथ शारीरिक शोषण किया जा रहा है। समाचार एजेंसी से बात करते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि केरल में जाँच के दौरान जब मैंने बात की तो मुझे इस तरह की बहुत सारी चिट्ठियाँ मिली, जिनके अनुसार इस तरह की बहुत सारी घटनाएँ केरल में हो रही हैं। जिससे यह सवाल उठता है कि क्या केरल में भगवान के घर के रखवाले पादरी से ईश्वर की सेवा करने वाली सिस्टर महफ़ूज़ नहीं है?

 

उठ जाएगा लोगों का ईश्वर से भरोसा:

आपको बता दें इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। केरल में इस तरह की पहले भी कई घटनाएँ हो चुकी हैं। कुछ दिनों पहले अमेरिका में भी एक इस तरह की घटना का ख़ुलासा हुआ था, जिसके अनुसार 1940 से पादरियों ने कई बच्चों को अपनी हवस का शिकार बनाया है। अब ऐसे में भला कोई कैसे धर्म के इन रखवालों पर यक़ीन करे, जो ख़ुद इस तरह की घिनौनी हरकत को अंजाम देते हैं। जब लोग हर जगह से परेशान हो जाते हैं तो वो ईश्वर के घर में जाते हैं, लेकिन जब ईश्वर के घर में भी उन्हें ऐसी घटनाओं का शिकार होना पड़े तो लोगों का ईश्वर पर से भी भरोसा उठ जाएगा।

 

 


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