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उत्तराखंड सिनेमा की पहचान नरेंद्र सिंह नेगी का गीत संगीत

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अस्सी के दशक में जँहा नरेंद्र सिंह नेगी ऑडियो कैसेट के माध्यम से लोकप्रिय हो रहे थे, वही उसी दौर में उत्तराखंड की बोली भाषाओं में फिल्में भी बनने लगी । उसी दौर में जब बॉम्बे निवासी विश्वेश्वरदत्त नौटियाल जी घरजवै फिल्म का निर्माण कर रहे थे इस फ़िल्म में नरेंद्र सिंह नेगी को भी पार्श्वगायन के लिए बॉम्बे बुलाया गया। लेकिन जब म्युजिक प्रोडक्शन हो रहा था तो किसी कारण म्यूजिक डायरेक्टर हटा दिया गया। पर इतनी जल्दी दूसरा म्यूजिक डायरेक्टर कहाँ से और किसको लाया जाए। तब फिल्म के निर्माता ने नरेंद्र सिंह नेगी को म्यूजिक देने को कहा।

Source: Amar Ujala

इस फ़िल्म में नरेंद्र सिंह नेगी को फिल्मी गीत लेखन के साथ पार्श्वगायन और म्युजिक डायरेक्ट करने मौका मिला। नेगी के लिखे गीत के अलावा फ़िल्म में दूसरे गीतकार देवी प्रसाद सेमवाल के लिखे गीत भी थे, जो नेगी ने कम्पोज किये। इस फ़िल्म का गीत संगीत बहुत लोकप्रिय हुआ। तू दिख्यान्दी जन जुन्याली और तिन चिट्ठी किल्हे नि भेजी जैसे गाये इस फ़िल्म के गीत आज भी लोगों की जुबान पर है। नेगी ने लगभग 10 या 12 फिल्मों में अब तक संगीत दिया है, जिनमे चक्रचाल, छम्म घुंगरु, कौथिग, बेटी ब्वारी, फ्योंली ज्वान ह्वेगे, बंटवारू, जै धारी देबी, औसी की रात, मेरि गंगा होली मैमु आली, सुबेरो घाम, मेजर निराला इन सभी फिल्मों में नरेंद्र सिंह नेगी का गीत संगीत और पार्श्वगायन रहा जो काफी लोकप्रिय रहा।

इसके अलावा कई गढ़वाली फिल्मो में अन्य गीतकार संगीतकारो की रचनाओं में भी पार्श्वगायन भी किया है, जिनमे ब्यौली, ब्वे, सतमंगल्या, तेरी सौ आदि कुछ प्रमुख फिल्में थी। सन 2010 में हिमालयन फ़िल्म के बैनर तले आयी सलण्या स्याळी वीडियो एल्बम के साथ नरेंद्र सिंह नेगी ने अपने लिखे फिल्मी गीतों का संग्रह तेरी खुद तेरो ख्याल गढ़वाली फिल्मी गीतों का पुस्तक गीत सँग्रह दर्शकों को सप्रेम भेट vcd के साथ प्रेषित किया था। यह गीत सँग्रह उन्होंने पहली गढ़वाली फ़िल्म जग्वाल के निर्माता निर्देशक पराशर गौड़ को समर्पित किया था। यूं तो जग्वाल पहली उत्तराखण्डी फ़िल्म थी जो, गढ़वाली भाषा मे बनी।

Source: Catch Hindi

जग्वाल फ़िल्म में भी नरेंद्र सिंह नेगी का गीत सैरा बसग्याल प्रयोग हुआ जो नरेंद्र सिंह नेगी पहली गढवाली गीत रचना है। इसे उन्होंने 1974 में लिखा था और फ़िल्म से पहले रेडियो स्टेशन में लोकप्रिय हो चुका था। लेकिन फ़िल्म के निर्माता गीतकार के रूप में स्क्रीन में नरेंद्र सिंह नेगी नाम देना भूल गए थे। उत्तराखंड फिल्मो और विशेषकर गढ़वाली फिल्मों का जब भी जिक्र किया जाएगा नरेंद्र सिंह नेगी के गीत संगीत औऱ पार्श्वगायन के बिना अधूरा रहेगा। पहाड़ी सिनेमा को नरेंद्र सिंह नेगी के गीत संगीत ने एक पहचान देकर देश और दुनिया मे लोकप्रिय किया।


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