THE ADDA
THE ADDA: Hindi News, Latest News, Breaking News in Hindi, Viral Stories, Indian Political News

सच में डायबिटीज़ के मरीज़ों को बिलकुल भी नहीं खाना चाहिए चावल, जानिए सच्चाई

ब्राउन राइस होता है ज़्यादा फ़ायदेमंद

0 5,638

भारत के ज़्यादातर घरों में रोटी से ज़्यादा चावल खाया जाता है। कई इलाक़े ऐसे भी हैं, जहाँ बिलकुल भी रोटी नहीं खायी जाती है। वहाँ के लोगों का मुख्य भोजन चावल ही है। ऐसे में यह जानना बहुत ज़रूरी हो जाता है कि डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए चावल खाना कितना सही और कितना ग़लत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि चावल में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा देती है।

कर सकते हैं सीमित मात्रा में चावल का सेवन:

डायबिटीज़

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार जो लोग ज़्यादा मात्रा में चावल खाते हैं, उन्हें टाइप-2 की डायबिटीज़ होने का ज़्यादा ख़तरा रहता है। हालाँकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अगर आप पहले से ही डायबिटीज़ की समस्या का सामना कर रहे हैं और आप चावल खाने के बहुत शौक़ीन हैं तो आपको पूरी तरह से चावल से दूरी बनाने की ज़रूरत नहीं है। आप सप्ताह में एक बार सीमित मात्रा में चावल का सेवन कर सकते हैं।

ब्राउन राइस होता है ज़्यादा फ़ायदेमंद:

जानकारी के अनुसार ब्राउन राइस में ग्लाइसिमिक इंडेक्स का स्तर 68 होता है, जबकि वाइट राइस में इसकी मात्रा 73 होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज़ के मरीज़ों को केवल उन्ही चीज़ों का सेवन करना चाहिए, जिसमें ग्लाइसिमिक इंडेक्स का स्तर 55 से कम होता है। इससे ख़ून में शुगर की मात्रा पर ज़्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है। जबकि 70 से ज़्यादा ग्लाइसिमिक इंडेक्स वाली चीज़ों का सेवन डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए ख़तरनाक हो सकता है।

किन-किन चीज़ों से पड़ता है ब्लड शुगर पर प्रभाव:

know-is-safe-or-not-eating-rice-of-diabetes-patient

चावल खाना हो तो उसमें सब्ज़ियाँ, गाजर, बींस, प्याज़ मिलाकर खाएँ। ऐसा करने से चावल में न्यूट्रिएंट्स की मात्रा बढ़ जाती है। अगर डायबिटीज़ के मरीज़ अगर सफ़ेद चावल खाना चाहते हैं तो रात में इसे खाने से बचें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज़ के मरीज़ों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि खाने की किन-किन चीज़ों से ब्लड शुगर पर ज़्यादा प्रभाव पड़ता है। इसकी सही जानकारी होना बहुत ज़रूरी है।


Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More