THE ADDA | Hindi News - Breaking News, Viral Stories, Indian Political News In Hindi

क्या आप जानते हैं नवरात्रि में क्यों नहीं खाया जाता है लहसुन-प्याज़? जानें असली वजह

शास्त्रों के अनुसार तीन तरह के होने हैं भोजन

0 5,819

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

हिंदू धर्म में कई व्रत-त्योहारों का पालन किया जाता है। सभी लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा-उपासना करते हैं। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार कुल 33 करोड़-देवी देवता हैं। हालाँकि सभी देवी-देवताओं की पूजा हर जगह नहीं की जाती है। हिंदू धर्म के कई देवी-देवताओं की पूजा समान रूप से देश के कोने-कोने में की जाती है। इन्ही में से एक हैं देवी दुर्गा। इन्हें सती और शक्ति का रूप माना जाता है। शक्ति की उपासना वैसे तो हर समय की जाती है, लेकिन नवरात्रि के समय इनकी उपासना का महत्व और भी ज़्यादा हो जाता है।

 

सब्ज़ी होने के बाद भी क्यों नहीं खाते लहसुन-प्याज़:

know-why-people-do-not-eat-garlic-and-onion-in-navratri

बता दें 10 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है। पूरे नौ दिनों तक देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाएगी। नवरात्रि के दौरान कई काम करने को वर्जित बताया गया है। नवरात्रि में माँस-मछली और मदिरा के सेवन को भी वर्जित माना जाता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि प्याज़ और लहसुन को भी नवरात्रि में वर्जित माना गया है। अब आप सोच रहे होंगे कि प्याज़ और लहसुन तो सब्ज़ियों में आते हैं, फिर इनका इस्तेमाल क्यों नवरात्रि में नहीं किया जाता है? नवरात्रि में आख़िर क्यों लोग अपने घरों में लहसुन-प्याज़ खाना बंद कर देते हैं, आइए जानते हैं।

 

शास्त्रों के अनुसार तीन तरह के होने हैं भोजन:

हिंदू धर्म के शास्त्रों के अनुसार खाना तीन तरह का होता है। पहला तामसिक भोजन, दूसरा राजसिक भोजन और तीसरा सात्विक भोजन। यही भोजन के तीन प्रकार हैं और इन्हीं तीन प्रकार में दुनियाभर के सभी खाने आ जाते हैं। आख़िर ये तीनों क्या हैं और इनका लहसुन-प्याज़ से क्या सम्बंध है, आज हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं।

 

know-why-people-do-not-eat-garlic-and-onion-in-navratri

भोजन के तीन प्रकार:

सात्विक:

सात्विक भोजन को सभी भोजनों में सबसे शुद्ध माना जाता है। इस भोजन को शरीर के लिए फ़ायदेमंद भी बताया गया है। बता दें सात्विक भोजन वह होता है, जो शरीर को शुद्ध करता है और मन को शांति प्रदान करता है। पूर्ण शाकाहारी भोजन पकाने के बाद 3-4 घंटे के अंदर खा लिया जाए तो वह सात्विक भोजन कहलाता है। इस भोजन में ताज़े फल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, बादाम, अनाज, दूध, फलों का रस, अन्य सब्ज़ियाँ, कम तेल-मसाले में बना हुआ खाना आता है। नवरात्रि के समय में सात्विक भोजन करने का विधान है जो बिना लहसुन और प्याज के बना होता है।

 

राजसिक भोजन:

राजसिक भोजन, जैसा की नाम से ही स्पष्ट हो जा रहा है कि यह अत्यंत ही स्वादिष्ट और खाने में बेहतरीन होता है। इसमें कई तरह की गंध भी होती है। इस खाने की गंध लम्बे समय तक मुँह में रहती है। लहसुन, प्याज़ और मशरूम जैसे पौधे राजसिक भोजन के अंतर्गत आते हैं। इस तरह के भोजन को बहुत ज़्यादा तेल-मसाले में पकाया जाता है, ब्राह्मण और जैन शास्त्रों में इस तरह के भोजन को अच्छा नहीं माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि राजसिक भोजन ग्रहण करने से उत्तेजना और उन्माद में वृद्धि होती है। इससे व्यक्ति को ध्यान लगाने में परेशानी होती है।

 

know-why-people-do-not-eat-garlic-and-onion-in-navratri

तामसिक भोजन:

यह खाना मन और शरीर दोनों को ही सुस्त बना देता है। इसके साथ ही इस खाने को पचाने में बहुत ज़्यादा समय भी लगता है। इसमें अंडा, माँस-मछली और सभी तरह का खाना और नशा आता है। इसके अलावा बासी खाने को भी तामसिक खाने की श्रेणी में रखा गया है। जिस खाने को पचाने में मुश्किल होती है, वह खाना राजसिक और तामसिक भोजन की श्रेणी में आता है। नवरात्रि में लहसुन-प्याज़ ना खानें की एक वजह और भी है कि इससे दिमाग़ सुस्त बनता है। नवरात्रि में कई तरह के अनुष्ठान और पूजा-पाठ किए जाते हैं, ऐसे में दिमाग़ का सुस्त रहना अच्छा नहीं होता है। इसी वजह से नवरात्रि में लहसुन और प्याज़ खाने से मना किया जाता है।


यह भी पढ़ें:-

Loading...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Loading...

- Advertisement -

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More