THE ADDA
THE ADDA: Hindi News, Latest News, Breaking News in Hindi, Viral Stories, Indian Political News

आख़िर क्या है यह LGBT समुदाय, जानिए इनके बारे में विस्तार से

कुछ लोग ख़ुश नहीं है सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से

LGBT
176

6 सितम्बर का दिन भारतीय इतिहास में एक क्रांतिकारी दिन के रूप में दर्ज हो गया है। 6 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा कि ‘अगर दो बालिग़ लोग आपसी सहमति से कमरे के अंदर शारीरिक सम्बंध बनाते हैं तो यह अपराध नहीं है।’ इसके बाद से देशभर के LGBT (समलैंगिक) समुदाय के लोगों में जश्न का माहौल बना हुआ है। समुदाय के लोग ख़ुशी माना रहे हैं। वहीं देश में एक तबक़ा ऐसा भी है जो सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले से असहमत है।

 

कुछ लोग ख़ुश नहीं है सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से:

LGBT

उन लोगों का कहना है कि यह ग़लत है और ऐसा नहीं होना चाहिए। समलैंगिक सम्बंध अपराध है और इसे अपराध की श्रेणी में ही रखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से ख़ुश LGBT आख़िर कौन हैं? क्या आप इस समुदाय के बारे में कुछ जानते हैं? अगर नहीं जानते हैं तो चिंता मत कीजिए, आज हम आपको LGBT क्या होता है और इस समुदाय के लोग किस तरह के होते हैं, इसके बारे में बताएँगे। इसके साथ ही हम आपको बताएँगे कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

 

क्या है समलैंगिकता:

समलैंगिकता का शाब्दिक अर्थ है किसी भी व्यक्ति का समान लिंग के व्यक्ति के प्रति यौन आकर्षण। यानी अगर एक पुरुष का पुरुष से या महिला का महिला के प्रति यौन आकर्षण है तो यह समलैंगिकता कहा जाता है। ऐसे लोगों को समलिंगी भी कहा जाता है। अंग्रेज़ी में ऐसे पुरुषों को गे और महिलाओं को लेस्बियन कहा जाता है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनका समान लिंग और विपरीत लिंग दोनो की तरफ़ आकर्षण होता है। इन लोगों को बाईसेक्सुअल कहते हैं। ऐसे लोग दोनो ही लिंग के लोगों के साथ यौन सम्बंध बनाते हैं।

 

क्या होता है LGBT:

L (लेस्बियन):

लेस्बियन यानी एक महिला या लड़की का समान लिंग यानी एक महिला या लड़की के प्रति यौन आकर्षण। इसमें दोनो पार्टनर महिलाएँ ही होती हैं। कई बार दोनो में से एक महिला का लुक और व्यक्तित्व पुरुष की तरह भी हो सकता है और नहीं भी। भारत में भी लेस्बियन काफ़ी संख्या में हैं। लेकिन यहाँ सामाजिक दबाव की वजह से लड़कियाँ या महिलाएँ अपनी इच्छा को दबाकर रखती हैं।

G (गे):

जब किसी आदमी को दूसरे आदमी से यौन आकर्षण हो और वह उससे प्यार करे तो उसे गे कहा जाता है। गे शब्द का इस्तेमाल कई बार पूरे समलैंगिक समुदाय के लिए ही किया जाता है। इसमें लेस्बियन, बाईसेक्सुअल और गे सभी आते हैं। सामाजिक दबाव होने के बाद भी भारत में गे खुलकर सामने आ रहे हैं।

B (बाईसेक्सुअल):

जब किसी महिला या पुरुष को किसी महिला या पुरुष दोनो के प्रति समान रूप से यौन आकर्षण होता है वो उन्हें बाईसेक्सुअल कहा जाता है। यानी एक महिला या पुरुष दोनो लिंग के लोगों के साथ आसानी से यौन सम्बंध बना लेता है। महिलाएँ और पुरुष दोनो ही बाईसेक्सुअल हो सकते हैं। इंसान की शारीरिक चाहत ही इसका निर्धारण करती है।

T (ट्रांसजेंडर):

LGBT

जब कोई व्यक्ति पैदा होने के बाद कुछ हो और बड़ा होकर ख़ुद को एकदम उलट महसूस करे, वह ट्रांसजेंडर कहलाता है। उदाहरण के लिए अगर कोई बच्चा लड़का पैदा होता है, उसके निजी अंग भी पुरुषों के हों और उसका नाम भी पुरुषों वाला हो, लेकिन कुछ समय बाद वह ख़ुद को लड़की की तरह पाता है तो वह ट्रांसजेंडर कहलाता है। कई बार लोग ऐसा महसूस करने के बाद अपना लिंग भी परिवर्तित करवा देते हैं। लड़के अपने अंदर लड़कियों वाले हार्मोन डलवा लेते हैं, जिससे स्तन उभर आते हैं। इन्ही लोगों को ट्रांसजेंडर कहा जाता है। इसी तरह अगर कोई महिला भी ख़ुद को पुरुष जैसा महसूस करती है तो वह पुरुषों की तरह दिखने के लिए चिकित्सा का सहारा पेटी है। उसे भी ट्रांसजेंडर ही कहा जाता है।

Q (क्वीयर):

यह भी एक तरह के लोग होते हैं। ऐसे इंसान जो अपनी पहचान नहीं तय कर पाए हैं कि वो महिला हैं या पुरुष और ना ही अपनी शारीरिक चाहत को समझ पाए हैं वो इस श्रेणी में आते हैं। ऐसे लोग ना ही ख़ुद को आदमी समझते हैं और ना ही औरत। ये ख़ुद को ट्रांसजेंडर, गे, लेस्बियन या बाईसेक्सुअल भी नहीं मानते हैं। इन्ही लोगों को क्वीयर कहा जाता है। क्वीयर के Q को क्वेस्चनिंग भी समझा जाता है। यानी जिन लोगों के मन में अपनी पहचान और शारीरिक चाहत को लेकर अभी भी बहुत सारे सवाल हैं।

 


और पढ़ें:

 

 

 

 

 

 

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More