THE ADDA
THE ADDA: Hindi News, Latest News, Breaking News in Hindi, Viral Stories, Indian Political News

शिवपाल सिंह नहीं बल्कि मैनपुरी से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे मुलायम सिंह यादव

0 4,718

कुछ समय पहले सपा पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे अखिलेश सिंह यादव के बीच मतभेद पैदा हो गए थे। इसके बाद से यह कहा जा रहा था कि बाप-बेटे अलग हो गए हैं। लेकिन हाल ही में वरिष्ठ समाजवादी नेता राम गोपाल यादव ने ऐलान किया है कि मुलायम सिंह यादव 2019 लोकसभा चुनाव मैनपुरी संसदीय सीट से लड़ेंगे। इसके अलावा चुनाव से पहले किसी भी तरह के गठबंधन पर पार्टी पार्टी प्रमुख पैसला करेंगे। मीडिया से बात करते हुए यादव ने कहा कि, बसपा-सपा गठबंधन की उनके पास कोई जानकारी नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखा जाएगा तो यादव ने कहा, ‘आप कल्पनात्मक चीजों के बारे में बात क्यों कर रहे हैं। आप गठबंधन का मतलब समझिए और यहां क्या हो रहा है।

कांग्रेस के लिए भी होगा बड़ा झटका:

शिवपाल सिंह

वहीं दूसरी ओर खबरें हैं किं बीएसपी की प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव इस वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सीट-बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गए हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सपा के सूत्रों ने बताया कि यादव ने प्रस्तावित गठबंधन के अंतिम पहलुओं पर चर्चा करने के लिए मायावती से मुलाकात की। हालांकि, दोनों पार्टियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन सूत्रों का दावा है कि उत्तर प्रदेश की ये दोनों पार्टियां 37-37 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। उत्तर प्रदेश में लोकसभा की कुल 80 सीटें हैं। सूत्रों ने बताया कि शेष सीटों को कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल और अन्य छोटी पार्टियों के लिए छोड़ा जायेगा। अगर यह महागठबंधन तैयार होता है तो बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस के लिए भी यह बड़ा झटका होगा।

कांग्रेस को भी शामिल नहीं किया गया इस महागठबंधन में:

अखिलेश यादव और मायावती अमेठी और रायबरेली में प्रत्याशी उतारने के मूड में नही हैं। अमेठी राहुल गांधी का लोकसभा क्षेत्र है जबकि रायबरेली से सोनिया गांधी सांसद हैं। माना जाता है कि अखिलेश यादव और मायावती की अगले सप्ताह फिर मुलाकात होगी। फिलहाल सीटों के बंटवारे को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। लेकिन सूत्रों का दावा है कि उत्तर प्रदेश की ये दोनों पार्टियां 37-37 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। 15 जनवरी के बाद सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दिया जा सकता है। यूपा के महगठबंधन में निषाद पार्टी, ओपी राजभर की पार्टी जैसी छोटी पार्टियों को भी शामिल किए जाने की संभावना है। कांग्रेस को इस महागठबंधन में शामिल नहीं किया गया है।


Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More