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गांधी जयंती विशेष: पीएम मोदी, राहुल गांधी और सोनियाँ ने राजघाट पहुँचकर दी बापू को श्रद्धांजलि

सत्य और अहिंसा के बल कर दिया अंग्रेज़ों को बाहर

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आज देशभर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 जयंती मनाई जा रही है। गांधी जी की जयंती के मौक़े पर देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई अन्य नेता सुबह ही राजघाट पर पहुँचकर बापू को श्रद्धांजलि दी। महात्मा गांधी के बारे में आज किसी को कुछ बताने की ज़रूरत नहीं है। आज पूरी दुनिया में उन्हें शांति के दूत के रूप में जाना जाता है। सत्य अहिंसा को ही उन्होंने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ अपना हथियार बनाया और अंग्रेज़ों को देश से बाहर भी खदेड़ दिया।

 

स्वच्छता पुरस्कार बाँटेंगे कोविंद:

mahatma gandhi

गांधी जयंती के मौक़े पर देशभर में ख़ुशी का माहौल है और जगह-जगह हर राज्य में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बता दें गांधी जयंती के मौक़े पर ही स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गयी थी। मंगलवार को गांधी जयंती के मौक़े पर पीएम मोदी अन्तर्राष्ट्रीय स्वच्छता सम्मेलन के समापन सत्र में भाग लेंगे। जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति भवन के आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद स्वच्छता पुरस्कार बाँटेंगे। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी अन्तर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की पहली असेंबली भी लॉंच करेंगे।

 

चुनौतियों से निपटने के लिए करना होगा सोच में विस्तार:

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प्रधानमंत्री ने गांधी जयंती के मौक़े पर ट्वीट करके कहा कि आज के समय में भी गांधी जी के विचार प्रासंगिक हैं। पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में आगे कहा कि गांधी जी के आदर्शों पर अमल करके ही हम उनके प्रति सच्ची श्रद्धा व्यक्त कर सकते हैं। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के समय गांधी जी के सामने कई चुनौतियाँ थी, लेकिन उन्होंने सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए किसी ऐसे रास्ते का चुनाव नहीं किया, जिससे समाज में अलगाव की स्थिति पैदा हो। राहुल गांधी ने आगे कहा कि भले ही आज हम बहुत आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन यह सच है कि हमारे सामने कई चुनौतियाँ हैं। उन सभी चुनौतियों से निपटने के लिए हमें अपनी सोच को विस्तार देना होगा।

 

सत्य और अहिंसा के बल कर दिया अंग्रेज़ों को बाहर:

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आपकी जानकारी के लिए बता दें सत्य और अहिंसा के रास्ते पर जीवनभर चलने वाले महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबन्दर में हुआ था। महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचंद और माता का नाम पुतलीबाई था। जब महात्मा गांधी केवल 12 साल के थे तभी इनकी शादी कस्तूरबा गांधी से हो गयी थी। कम उम्र में ही शादी हो जानें के बाद भी इन्होंने देश की स्वतंत्रता में अहम योगदान दिया था। सत्य और अहिंसा को अपना हथियार बनाकर इन्होंने भारत से अंग्रेज़ों को बाहर कर दिया।

 

दिया था जय जवान जय किसान का नारा:

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महात्मा गांधी के साथ ही 2 अक्टूबर को भारत के दूसरे प्रधानमंत्री और जय जवान जय किसान का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री की भी जयंती है। इस मौक़े पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उनकी स्मृति को नमन। उनकी सत्यनिष्ठा, हरित क्रांति में भूमिका और युद्धकाल में नेतृत्व आज भी पूरे देश के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है।’ वहीं पीएम मोदी ने भी ट्वीट करके कहा, ‘सौम्य व्यक्तित्व, कुशल नेतृत्व एवं बुलंद हौसले के प्रतीक लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। जय जवान-जय किसान!’

 

अपनी मृत्यु तक रहे थे लगभग 18 महीने प्रधानमंत्री:

जानकारी के अनुसार लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्र भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। जवाहरल लाल नेहरु की अचानक मौत के बाद इन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। लाल बहादुर शास्त्री के नारे ‘जय जवान जय किसान’ ने लोगों को एक मज़बूत राष्ट्र बनाने के लिए प्रेरित किया था। बता दें लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुग़लसराय में हुआ था। यह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक अपनी मृत्यु के समय तक लगभग 18 महीनों तक भारत के प्रधानमंत्री रहे थे।


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