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ग़रीबों के मसीहा हैं मेडिसिन बाबा, जानिए इनके बारे में कुछ ख़ास बातें

medicine baba a.k.a Omkar Nath Sharma
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आज कल शहर हो ये फिर गांव ग़रीबों के लिए प्राइवेट अस्पताल में इलाज करना एक सपना सा हो गया है. और फिर सरकारी अस्पताल का क्या हाल है ये सबको पता है. अगर कोई गरीब अपने इलाज कराने डॉक्टर के पास जाता है तो डॉक्टर भी इतनी मॅहगी दवा लिखा देते है की वो खरीद भी नहीं पता और दवाईयों के अभाव के चलते दम तोड़ देता है. ऐसे में गरीब जाए तो जाए कहां. वही दूसरी तरफ आमिर लोग दवा को बिना इस्तेमाल किए ही फेंक देते है। कहते हैं न जिसका कोई नहीं उसका खुदा है.

 

घर-घर जाकर एकत्र करते हैं दवाइयाँ:

भारत के राजधानी दिल्ली में 82 वर्ष के बुज़ुर्ग ओमकार नाथ शर्मा जिन्हें लोग “मेडिसिन बाबा” के नाम से जानते हैं. ये गरीबों के लिए रोज़ 5 से 7 किलोमीटर चलकर घर-घर जाकर दवाइयाँ एकत्र करते है और गरीबों को मुफ्त में देते हैं. मेडिसन बाबा उर्फ ओमकारनाथ शर्मा दिल्ली के पालम इलाके में एक किराये के घर में रहते हैं. घर के पास एक छोटी सी दुकान बनी हैं. जिसमें मेडिसन बाबा ने दवाइयों को इकट्ठा किया है. मेडिसन बाबा ने लोगों से दवाइयां एकत्र करके गरीबों को मुफ्त में बांटना अपने जीवन का मिशन बना लिया है.

 

मेडिसिन बाबा से मुफ़्त में लेते हैं दवाइयाँ:

medicine baba
medicine baba a.k.a Omkar Nath Sharma

पिछले 10 सालों से ये अभियान चला रहे हैं. इस अभियान के तहत उन्होंने सभी तरह की दवाइयां इकट्ठी कर ली हैं, जिसमें बुखार, खांसी, हैजा, जुकाम, पीलिया, मधुमेह और शरीर से जुड़ी तमाम बीमारियों की दवाइयां शामिल हैं. ज़रूरतमंद ये दवाइंया मेडिसन बाबा से मुफ्त में लेते हैं. अब तो लोग बाबा को फोन कर दवाइयां देने के लिए घर बुलाते हैं. वर्ष 2008 में निर्माण कार्य के दौरान दिल्ली के लक्ष्मीनगर मेट्रो परियोजना का एक कंक्रीट का पिलर गिर गया था. इसमें दो लोगों की मृत्यु हो गई और बहुत सारे लोग घायल हो गये थे.

 

देश में नहीं है कोई मेडिसिन बैंक:

हालांकि, घायलों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें सही से मेडिकल सुविधा नहीं मिल पायी थी. अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां नहीं थीं. यह सब देखके बाबा का दिल दहल गया. वे सोच में पड़ गए कि यह कैसी विडम्बना है कि एक तरफ तो ज़रूरतमंद लोग दवाईयो के आभाव में मर रहे है और दूसरी तरफ अमीर लोग उन्ही दवाईयो को कूड़ेदान में फेंक रहे है. इस दुर्घटना के बाद बाबा ने ये अभियान शुरू किया था और आज भी चला रहे हैं. बाबा का कहना है कि आज देश में ब्लड बैंक, अंग बैक आदि सभी बैंक उपलब्ध हैं पर मेडिसन बैंक नहीं है.

 

मेडिसिन बाबा बन चुके हैं कई लोगों की उम्मीद:

मेरा लक्ष्य एक मेडिसिन बैंक का है जहाँ से गरीब और ज़रूरतमंद लोग मुफ्त में दवा ले सकें. मेडिसिन बाबा की पहचान उनकी भगवा कुर्ता है, जिसपर उनका फ़ोन नंबर तथा उनका मिशन बड़े-बड़े अक्षरो में लिखा हुआ है. इसी कुर्ता को पहने, दिल्ली की गलियो में घूमते मेडिसिन बाबा कई लोगो की उम्मीद बन चुके है. मेडिसिन बाबा का सपना जल्द से जल्द पूरा हो ताकि कोई भी गरीब दवाई नहीं मिलने के कारण अपनी जान दें.


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