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इन चार सालों के दौरान क्या किया मोदी सरकार ने, जानिए एक नज़र में

नोटबंदी रहा पीएम मोदी का फ़्लॉप निर्णय

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यह बात बताने की ज़रूरत नहीं है कि भाजपा इस समय देश की सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। भाजपा ने अपने मक़सद कांग्रेस मुक्त भारत को लगभग पूरा ही कर लिया है। लेकिन भाजपा आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर थोड़ी दहशत में है। पिछले कुछ दिनों में देश के अंदर जो भी हुआ है, उससे भाजपा का कॉन्फ़िडेन्स काफ़ी कम हुआ है। उससे पहले तक भाजपा डंके की चोट पर यही कहती रहती थी कि आने वाला चुनाव उसी का है, लेकिन अब ऐसा नहीं है। हालाँकि अभी भी भाजपा यही राग अलाप रही है, लेकिन जानकारों के अनुसार इस बार लोसभा चुनाव में कुछ भी हो सकता है।

 

नोटबंदी रहा पीएम मोदी का फ़्लॉप निर्णय:

modi government

अपने चार साल कुछ महीनों के कार्यकाल के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के लिए कोई ऐसा काम नहीं किया है, जिसके बारे में कहा जाए कि ये काम पीएम मोदी का अच्छा है। जब तक नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं बने थे, तब तक तो वो कांग्रेस पर बहुत निशाना साधते थे और बड़ी-बड़ी बातें करते थे, लेकिन जबसे इन्होंने देश की कमान सम्भाली है, तब से इन्होंने देश में कई बड़े बदलाव किए, लेकिन उससे देश की जनता को फ़ायदा होने की बजाय नुक़सान ही हुआ है। पीएम मोदी का अब तक का सबसे बड़ा निर्णय नोटबंदी का भी फ़्लॉप ही रहा है।

 

एक तबक़ा जमकर बाँधता है पीएम मोदी की तारीफ़ों के पुल:

पीएम मोदी ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि वो देश के युवाओं के लिए हर साल 2 करोड़ रोज़गार देंगे, लेकिन असलियत में अब तक उनके पूरे कार्यकाल में 2 करोड़ युवाओं को नौकरी नहीं मिली। जबकि उल्टा नोटबंदी के समय कई युवाओं को अपनी नौकरी से हाथ भी धोना पड़ा था। अगर कुल मिलाकर देखा जाए तो पीएम मोदी ने सत्ता सम्भालने के बाद से या तो भाषण बाज़ी की है या तो विदेश दौरा किया है। इसके अलावा उन्होंने देश के हित के लिए कोई काम नहीं किया है। हालाँकि आज भी एक ऐसा तबक़ा है जो बिना कुछ जाने-समझे पीएम मोदी की तारीफ़ों के पुल बाँधता हुआ दिखाई पड़ जाता है।

 

पकौड़ा बेचने के लिए ग़रीब बाप ज़मीन बेचकर नहीं पढ़ाता अपने बच्चे को:

जी न्यूज़ के एक इंटरव्यू में पीएम मोदी ने रोज़गार के सवाल पर देश के युवाओं का मज़ाक़ भी उड़ाया था। उन्होंने कहा था कि पकौड़ा बेचना भी एक रोज़गार है। अब पीएम मोदी को भला कौन समझाए कि अगर पकौड़ा ही बेचना होता तो एक ग़रीब बाप अपने बेटे को अपनी ज़मीन बेचकर पढ़ाई क्यों करवाता। और वह बच्चा मेहनत करके 4 साल अपने बर्बाद क्यों करता। पीएम मोदी के हिसाब से तो उसने पढ़ाई करके अपने 4 साल बर्बाद ही किए हैं, क्योंकि आख़िरकार उसे बेचना तो पकौड़ा ही ही। वैसे पीएम मोदी को शायद यह भी नहीं मालूम है कि पकौड़ा बेचना रोज़गार नहीं बल्कि स्वरोज़गार होता है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है।

 

कई देश आ गए हैं भारत से रिश्ते तोड़ने के कगार पर:

इसके अलावा पीएम मोदी ने एक काम बहुत अच्छे से किया, वो ये कि इन्होंने जमकर विदेश यात्राएँ की। पीएम मोदी ने सत्ता सम्भालने के बाद उन देशों की भी यात्राएँ की जहाँ पर अब तक कोई भारतीय पीएम नहीं गया था। इसे भी मोदी भक्त पीएम मोदी की एक उपलब्धि ही मानते हैं। अब सवाल उठता है कि इतनी विदेश यात्राओं का आख़िरकार फ़ायदा क्या हुआ। जो पहले भारत के अच्छे दोस्त हुआ करते थे, आपकी विदेश यात्राओं के बाद से वो भारत से अपने रिश्ते तोड़ने की कगार पर आ गए हैं। अब ऐस में कैसे कहा जा सकता है कि पीएम की विदेश यात्राओं का फ़ायदा हुआ है। कहीं कोई फ़ायदा दिखाई तो नहीं देता है। अमेरिका से भी भारत के रिश्ते अब उतने अच्छे नहीं रहे।

 

कब पलट जाए पीएम मोदी नहीं है कोई भरोसा:

अगर देश की सुरक्षा की बात की जाए तो आपको बता दें, कांग्रेस की सरकार में पीएम मोदी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मज़ाक़ उड़ाते हुए कहा था कि अगर देश में कोई समस्या होती है तो ये हाथ जोड़कर अमेरिका के पास चले जाते हैं। जबकि अगर पाकिस्तान ग़लती कर रहा है तो उसे उसके घर में घुसकर सबक़ सिखाना चाहिए। जबकि पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी ख़ुद वही काम कर रहे हैं। पीएम मोदी की इन्ही हरकतों को देखकर आज लोग उनका मज़ाक़ भी उड़ाने लगे हैं। लोग कहते हैं कि देश के पीएम का कोई भरोसा नहीं है, कि कब वह अपनी ही बात से पलट जाए। वह कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। पीएम मोदी ने एक और काम अच्छे से किया है, वो ये कि इन्होंने अपना योग का वीडियो बहुत अच्छे से बनवाया है।

 

मोदी के चार सालों के कार्यकाल में कोई काम ठीक से नहीं हुआ:

नोटबंदी का दुःख आजतक देश की जनता नहीं भूल पायी है। नोटबंदी की वजह से कई लोगों के रोज़गार पर ताला लग गया और बची कसर जीएसटी ने पूरी कर दी। जीएसटी की वजह से छोटे व्यापारियों की कमर टूट गयी। जिस जीएसटी को कांग्रेस अधिकतम 18 प्रतिशत पर लागू करने की बात कर रही थी, उसी जीएसटी को मोदी सरकार 28 प्रतिशत तक ले गयी। पहले तो मोदी सरकार ने कांग्रेस के जीएसटी का ख़ूब विरोध किया था और अपने जीएसटी को लागू करने के बाद जमकर उसकी तारीफ़ों के पुल बाँध रही थी। इस जगह भी भाजपा सरकार फ़ेल साबित हुई। अगर सही मायनों में देखा जाए तो भाजपा की मोदी सरकार ने इन चार सालों के दौरान कोई काम सही तरीक़े से नहीं किया है।

 

राजस्थान भी निकलने वाला है भाजपा के हाथ से:

अगले साल 2019 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। भाजपा की पूरी कोशिश होगी कि इस बार भी पूर्ण बहुमत से सरकार बनायी जाए, लेकिन ऐसा होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है, उत्तर प्रदेश में योगी सरकार पूरी तरह से फ़ेल साबित हुई है। अभी से यूपी में योगी की ख़िलाफ़त होने लगी है। बिहार का भी लगभग यही हाल है। जानकारों की मानें तो राजस्थान भी इस बार भाजपा के हाथ से निकलने वाला है। ऐसे में भाजपा के पूर्ण बहुमत का सपना अभी एक सपना ही लग रहा है। हालाँकि चुनाव में कभी भी बाज़ी पलट सकती है। आगे क्या होगा यह तो समय ही बताएगा। मोदी सरकार फिर से केंद्र में बनती है या नहीं यह 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद ही पता चल पाएगा।

 


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