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बढ़ती महँगाई के बीच भारत में तेज़ी से बढ़ी धनवानों की संख्या, इस रिपोर्ट में हुआ ख़ुलासा

कुछ लोगों के पास ही सिमट रही है पूँजी

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इस समय भारत की और यहाँ के अर्थव्यवस्था की क्या हालत है, यह किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है। भारत की स्थिति बहुत ख़राब चल रही है। एक तरफ़ भारतीय रुपए के मुक़ाबले लगातार डॉलर मज़बूत होता जा रहा है, तो दूसरी तरफ़ तेल और गैस के दाम लगातार आसमान छूते जा रहे हैं। इन सब घरेलू परेशानियों के बीच भारत में धनकुबेरों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। है ना हैरान करने वाली बात। जहाँ एक तरफ़ देश में कई लोग भूखे सोने को मजबूर है, वहीं देश में तेज़ी से धनवानों की संख्या बढ़ रही है।

 

क़ायम है भारतीय अर्थव्यवस्था की धाक:

Number of billionaires in India

आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में जो करोड़पति हैं, उनके पास देश की कुल जीडीपी की एक चौथाई हिस्से के बराबर सम्पत्ति है। इन्ही दो विरोधाभासी सच्चाई के साथ भारत की अर्थव्यवस्था लगातार आगे बढ़ रही है। फ़िलहाल, देश की कई चुनौतियों के बीच वेल्थ क्रिएशन रेट ऑल टाइम की हालिया रिपोर्ट में दुनिया में भारतीय अर्थव्यवस्था की धाक कायम है। लेकिन यहां एक यक्ष सवाल यह है कि भारत की इस अमीरी में पूंजी देश के चुनिंदा लोगों के पास सिमट रही है। ऐसे में क्या हम एक संतुलित विकास की ओर बढ़ रहे हैं। आइए जानते हैं कि इसके पीछे क्या हैं बड़े कारक और रिपोर्ट के कुछ अनछुए पहलू के बारे में।

 

देश में लगातार बढ़ रही है अमीरों की संख्या:

आपकी जानकारी के लिए बता दें इस रिपोर्ट के अनुसार भारत में अमीरों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बार्कलेज हुरुन इंडिया रिच 2018 की लिस्ट में पिछले साल की लिस्ट से एक-तिहाई से ज्यादा नए महाधनवान शामिल हुए हैं। इस तरह 2017 में 617 लोगों की यह लिस्ट इस साल बढ़कर 831 लोगों की हो गई है। इस तरह देखा जाए तो धनवानों की सूची के साथ पिछले साल के मुकाबले 214 नए नाम शामिल हुए हैं। इसमें खास बात यह है कि इन अमीरों के पास कुल संपत्ति देश के जीडीपी का एक चौथाई हिस्सा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या देश की कुल संपत्ति में अमीर लोगों का भाग लगातार बढ़ रहा है।

 

कुछ लोगों के पास ही सिमट रही है पूँजी:

Number of billionaires in India

बता दें बार्कलेज हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2018 की इस रिपोर्ट में एक और आँकड़ा जारी किया है जो भारत के आर्थिक व्यवस्था के अन्य अन्य पक्ष को भी उजागर करती है। भारत समय के साथ धीरे-धीरे अमीर बन तो रहा है, लेकिन धीरे-धीरे यह पूँजी कुछ लोगों के पास ही सिमटकर रह जा रही है। रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है कि देश के केवल 831 लोगों के पास 1000 करोड़ रुपए से ज़्यादा की सम्पत्ति है। यह भारत की GDP का एक चौथाई हिस्सा है। जानकारी के अनुसार इन 831 लोगों के पास 719 अरब डॉलर की सम्पत्ति है, जो की भारत की GDP का 25 प्रतिशत है।

 

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फ़ार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री पर मँडरा रहे हैं संकट के बदल:

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन अमीर लोगों की सूची में 306 नाम एकदम नए हैं। यानी ये लोग अभी-अभी अमीर बने हैं। इसमें से 113 नाम पहली पीढ़ी के उद्योगपतियों के हैं। बता दें डिजिटल क्षेत्र में अभी भी दबदबा क़ायम है। इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक से अर्थ की दुनिया में राज कर रहे टेक्नो और फ़ार्मा सेक्टर में इस बार भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं डिजिटल सेक्टर लगातार तीसरी बार अपना दबदबा क़ायम करने में सफल रहा। पिछले कुछ सालों से फ़ार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री पर संकट के बादल मँडरा रहे हैं। घरेलू ही नहीं अन्तर्राष्ट्रीय दोनों ही जगहों पर इसे विपरीत परिस्थियों का सामना करना पड़ा है।

 

अमेरिका बना हुआ है सबसे आमिर देश:

Number of billionaires in India

घरेलू मोर्चे पर प्रतिस्पर्धा बढ़ने की वजह से कम्पनियों को अपनी क़ीमतें घटानी पड़ी। इस वजह से इनके प्रॉफ़िट और मार्जिन पर बहुत ज़्यादा असर हुआ। इसकी वजह से कई कम्पनियों के शेयर धराशायी हो गए। इन कम्पनियों में सन फ़ार्मा, ल्यूपिन और डॉक्टर रेड्डीज शामिल हैं। बता दें इनके शेयरों में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आयी है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया का छठवाँ सबसे अमीर देश बन गया है। इस समय भारत की दौलत 559 लाख करोड़ रुपए (8230 अरब डॉलर) से ज़्यादा हो गयी है। यह जानकारी एशिया बैंक ग्लोबल वेल्थ माइग्रेशन रिव्यू से सामने आयी है। रिपोर्ट के अनुसार अभी भी पूरी दुनिया का सबसे अमीर देश अमेरिका ही बना हुआ है। अमेरिका की दौलत 62584 अरब डॉलर (42.54 लाख अरब रुपए से ज़्यादा) हैं।

 

10 साल में भारत की सम्पत्ति बढ़ेगी 200 प्रतिशत:

बता दें इस लिस्ट में दूसरे नम्बर पर चीन है। चीन के पास 24803 अरब डॉलर की सम्पत्ति है, वहीं तीसरे स्थान पर 19522 अरब डॉलर की सम्पत्ति के साथ जापान बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में वेल्थ क्रिएशन में मदद करने वाले अहम कारकों में एंटरप्रेन्योर्स की ज्यादा संख्या, अच्छा एजुकेशन सिस्टम, आईटी सेक्टर में आ रही तेजी, बीपीओ, रियल एस्टेट, हेल्थकेयर और मीडिया सेक्टर शामिल हैं। इन सभी के चलते अगले 10 सालों में भारत की दौलत में 200 फीसदी बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है। चीन की संपत्ति 2027 तक बढ़कर 69,449 अरब डॉलर हो जाने का, वहीं अमेरिका की दौलत लगभग 75,101 अरब डॉलर हो जाने का अनुमान है।


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