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नीतीश सरकार में शेल्टर होम में हो रहे एक के बाद एक कांड, अब दो महिलाओं की मौत

शेल्टर होम में दो महिलाओं को पाया गया संदिग्ध हालत में मृत

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अभी ज़्यादा दिन नहीं हुआ है जब मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह कांड का पर्दाफ़ाश हुआ। अब जानकारी मिल रही है कि इतने बड़े कांड के बाद बिहार की राजधानी पटना के आसरा शेल्टर होम में शुक्रवार को दो महिलाओं की संदिग्ध हालत में मौत हो गयी। इस घटना के बाद से पूरे बिहार के साथ ही देश में सनसनी मच गयी है। हर तरफ़ इसी घटना की चर्चा की जा रही है। पटना के शेल्टर होम में दो महिलाओं की मौत को लेकर इसके संचालक चिरंतन कुमार और मनीषा दयाल को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। पुलिस ने मनीषा दयाल और चिरंतन कुमार को सोमवार को कोर्ट में पेश भी किया।

 

धीरे-धीरे खुल रही है ब्रजेश सिंह की पोल:

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कोर्ट में पेशी के बाद कोर्ट ने इन दोनो को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जहाँ इनसे और पूछताछ की जा सके। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुज़फ़्फ़रपुर कांड का ख़ुलासा हुए अभी ज़्यादा दिन नहीं हुआ था, कि इस घटना ने नीतीश सरकार को मुसीबत में डाल दिया है। जहाँ नीतीश सरकार सुशासन की बात करते हैं, वहीं उनके नाक के नीचे इस तरह का काला कारनामा हो रहा है। आपको बता दें जिस तरह से मुज़फ़्फ़रपुर कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश सिंह को लेकर धीरे-धीरे पोल खुलनी शुरू हुई है, ठीक वैसे ही पटना के शेल्टर होम की संचालिका मनीषा दयाल को लेकर एक के बाद एक सनसनीख़ेज़ ख़ुलासे हो रहे हैं।

 

मनीषा दयाल ने बनानी शुरू कर दी राजनीतिक गलियारों में अपनी पैठ:

मिली जानकारी के अनुसार मनीषा दयाल अप्सरा शेल्टर होम की सचिव के पद पर नियुक्त थीं। मनीषा दयाल की ख़ूबसूरती के आगे कई अभिनेत्रियों की भी ख़ूबसूरती फीकी पड़ जाती है। ख़ूबसूरती और ग्लैमर का ताड़का यानी मनीषा दयाल अनुमाया ह्यूमन रिसोर्स फ़ाउंडेशन एनजीओ की डायरेक्टर थीं। इसी के अंतर्गत अप्सरा शेल्टर होम चलता था। जानकारी के अनुसार कुछ साल पहले तक मनीषा दयाल राजधानी पटना के गलियरों में एक अनसुना नाम हुआ करती थीं। लेकिन कुछ ही समय में वह आसमान की बुलंदियों को छूने लगीं। नाम और शोहरत कमाने की ललक की वजह से मनीषा दयाल ने सबसे पहले राजनीतिक गलियारों में अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी।

 

नौकरशाहों और अधिकारियों से थे अच्छे सम्बंध:

 

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इस घटना का ख़ुलासा होने के बाद से पिछले दो दिनों में मनीषा दयाल की एक फ़ोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस फ़ोटो में मनीषा दयाल पूर्व मंत्री और जदयू के नेता श्याम रज़क, पूर्व मंत्री और आरजेडी नेता शिवचंद्र राम और आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के साथ दिखाई दे रही हैं। आपको बता दें कि प्राप्त जानकारी के अनुसार मनीषा दयाल के बिहार सरकार के कई नौकरशाहों और अधिकारियों के साथ अच्छे सम्बंध थे। इसी का फ़ायदा उठाकर मनीषा दयाल ने पटना में पाँच एनजीओ शुरू कर दिए। इसके साथ ही मनीषा दयाल के बारे में कई नया ख़ुलासे आए दिन हो रहे हैं।

 

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शेल्टर होम में दो महिलाओं को पाया गया संदिग्ध हालत में मृत:

लगातार बिहार में होने वाली इन दोनो घटनाओं ने बिहार की वर्तमान नीतीश सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मुज़फ़्फ़रपुर के बाद यह एक बहुत बड़ी घटना है। किसी शेल्टर होम में दो महिलाओं का संदिग्ध हालत में मृत पाया जाना किसी साज़िश का हिस्सा लगती हैं। हालाँकि जबतक इसका ख़ुलासा नहीं हो जाता है, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। ख़ैर जो भी हो मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की तरह ही मनीषा दयाल के भी राजनीतिज्ञों से काफ़ी अच्छे सम्बंध रहे हैं, इसी सम्बंध का फ़ायदा उठाकर ये लोग ऐसी घटनाओं को बिना रोक-टोक करते आए हैं।

 

मनीषा दयाल के पाँचों एनजीओ के नाम:

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1- अप्सरा शेल्टर होम जिसमें मनीषा दयाल सचिव के पद पर नियुक्त हैं।
2- अनुमाया ह्यूमन रिसोर्स फ़ाउंडेशन जिसके अंतर्गत अप्सरा शेल्टर होम आता है, उस एनजीओ की मनीषा दयाल डायरेक्टर हैं।
3- आत्मा फ़ाउंडेशन एनजीओ की बोर्ड में मनीषा दयाल एक सदस्य हैं।
4- भामाशाह फ़ाउंडेशन ट्रस्ट एनजीओ की कमेटी में भी मनीषा दयाल सदस्य हैं।
5- स्पर्श एडिक्शन हिंदी रिसर्च सोसायटी एनजीओ में मनीषा दयाल काउन्सिलर के पद पर नियुक्त हैं। इसके साथ ही मनीषा दयाल नव अस्तित्व फ़ाउंडेशन की प्रोजेक्ट मैनेजर भी रह चुकी हैं।

 

समाज की भलाई करने वाला एनजीओ बन रहा है कुकृत्यों का हिस्सा:

इस ख़ुलासे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठा रहा है कि एनजीओ का काम समाज की भलाई का होता है, लेकिन यहाँ तो समाज की भलाई के नाम पर कुछ और ही हो रहा है। अब ऐसे में लोग कैसे किसी एनजीओ पर यक़ीन करेंगे। मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह भी एक एनजीओ के अंतर्गत आता है, जहाँ 34 नाबालिग़ लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ था। ऐसे में कोई भी एनजीओ के नाम पर यक़ीन नहीं करेगा। जिस एनजीओ का काम समाज की भलाई करना है, वह इस तरह के कुकृत्यों का हिस्सा बन रही है। समाज की भलाई कैसे होगी, बड़ा सवाल है।

 


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