THE ADDA
THE ADDA: Hindi News, Latest News, Breaking News in Hindi, Viral Stories, Indian Political News

राफ़ेल डील में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार के लिए याचिका दाख़िल, फ़ैसला वापस लेने और खुली अदालत में सुनवाई की माँग

0 76

राफ़ेल डील का मामला अभी भी भाजपा के गले की हड्डी बना हुआ है। कांग्रेस इसी मुद्दे को लेकर कब से भाजपा पर निशाना साधे हुए है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण ने राफ़ेल मामले में दिए गए फ़ैसले पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाख़िल की है। याचिका में 14 दिसंबर के राफेल के फैसले को वापस लेने और याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि फैसले में कई त्रुटियां हैं। यह फैसला सरकार द्वारा अदालत को एक सीलबंद कवर में दिए गए एक अहस्ताक्षरित नोट में किए गए गलत दावों पर आधारित है, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है। साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि मामले में फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद कई नए तथ्य प्रकाश में आए हैं, जिनके आधार पर मामले की जड़ तक जाने की जरूरत है।

हो चुका है दूध का दूध और पानी का पानी:

आपकी जानकारी के लियी बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में राफेल मुद्दे पर कांग्रेस पर पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि यह आरोप सरकार पर हैं, मेरे ऊपर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाए गए हैं। संसद में मैंने विस्तार से इसका जवाब दिया है। सुप्रीम कोर्ट तक मसला क्लियर हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी सभी चीजें सामने निकालकर रख दी है। दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है। कांग्रेस जो आरोप लगा रही है, उसे साबित करें। उन्हें बार-बार बोलने की बीमारी है, तो मुझे बार-बार बोलने की जरूरत है क्या? साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद से हमेशा डिफेंस डील विवादित क्यों रहा है? सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील की कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग वाली चार याचिकाओं पर फैसला सुनाया था।

कोर्ट ने ऑफसेट पार्टनर चुनने के मामले को नहीं माना है ग़लत:

फैसले के बाद याचिकाकर्ताओं में से एक वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला एकदम गलत है। उन्होंने कहा था कि एयरफोर्स ने कभी नहीं कहा था कि 36 राफेल विमान चाहिए। एयरफोर्स से बिना पूछे मोदी जी ने फ्रांस में जाकर समझौता कर लिया इसके बाद तय कीमत से ज्यादा पैसा दे दिया। भूषण ने कहा था कि कोर्ट में कीमतों पर सीलबंद रिपोर्ट दे दी जिसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी गई। वहीं कोर्ट ने ऑफसेट पार्टनर चुनने के मामले में भी गलत नहीं माना है। कोर्ट का कहना था कि दसॉल्ट ने ऑफसेट पार्टनर चुनना है। प्रशांत ने तर्क दिया कि रक्षा सौदे में बिना सरकार की सहमति के कोई फैसला नहीं लिया जा सकता है।


Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More