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राहुल गांधी ने जेटली पर लगाया आरोप, कहा-उनके सारे दावे झूठे, लंदन जानें से पहले मिला था माल्या

आँखों से देखी थी जेटली और माल्या की मुलाक़ात

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह दावा किया है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली की भगोड़े शराब व्यापारी विजय माल्या से संसद के गलियारे में नहीं बल्कि संसद के सेंट्रल हॉल में मुलाक़ात हुई थी। इस मुलाक़ात के दौरान माल्या ने जेटली को यह बात बताई थी कि वह भारत छोड़कर लंदन जानें वाला है। लेकिन जेटली ने अपनी ज़िम्मेदारियों का निर्वहन ना करते हुए जाँच अधिकारियों को इसकी सूचना देने की बजाय उसे आसानी से जानें दिया। क्या जेटली ने एक आर्थिक अपराधी को देश से भागने दिया? या उन्हें प्रधानमंत्री दे आदेश मिले थे ऐसा करने के?

 

माल्या के बयान के बाद जेटली ने किया अपना बचाव:

राहुल गांधी ने भाजपा और जेटली पर अपना हमला तेज़ करते हुए कहा कि जेटली को इस्तीफ़ा देना चाहिए। लंदन की कोर्ट में माल्या के ख़िलाफ़ प्रत्यार्पण केस में बुधवार को सुनवाई हुई थी। उस दौरान माल्या ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि लंदन आने से पहले वह भारत के वित्त मंत्री से मिला था। माल्या ने बताया कि मुलाक़ात करके उसने बैंकों के साथ समझौते का भी ऑफ़र दिया था। माल्या के इस बयान के बाद तुरंत जेटली ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने माल्या को 2014 के बाद से कभी मिलने के लिए अपाइंटमेंट ही नहीं दिया।

 

आँखों से देखी थी जेटली और माल्या की मुलाक़ात:

rahul gandhi attacks on bjp

जेटली ने अपना बचाव करते हुए कहा था कि माल्या उनसे मिला नहीं था, बस संसद के गलियारे में उनके साथ हो लिया था। बता दें राहुल गांधी ने इस मामले पर गुरुवार को प्रेस कॉन्फ़्रेन्स की और भाजपा के ऊपर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि जेटली जो भी बोल रहे हैं, वह सरासर झूठ है। लम्बे-लम्बे ब्लॉग लिखने वाले जेटली ने कभी इस मुलाक़ात का ज़िक्र नहीं किया। आज हम आपके लिए सबूत लाए हैं। हमारे नेता पीएल पुनियाजी ने अपनी आँखों से जेटली और माल्या की मुलाक़ात देखी है।

 

दोनो के बीच हो रही थी अंतरंग बातें:

पुनिया ने बताया कि, ‘2016 के बजट सत्र की बात है। एक मार्च को मैं संसद के सेंट्रल हॉल में बैठा था। तभी मैंने देखा कि जेटली और माल्या वहाँ खड़े होकर बात कर रहे हैं। दोनो के बीच बहुत अंतरंग बातें हो रही थी। थोड़ी देर के बाद ही दोनो बैठकर बातें करने लगे। माल्या संसद में उस दिन जेटली से मिलने ही आया था। उसके दो दिन बाद यानी तीन मार्च को मीडिया में यह ख़बर आयी कि माल्या देश के कई बैंकों से क़र्ज़ लेकर भारत छोड़कर लंदन भाग गया। मेरी चुनौती है कि वहाँ के सीसीटीवी फूटेज देखें जाएँ। उससे सबकुछ पता चल जाएगा। अगर मैं ग़लत साबित हुआ तो मैं राजनीति छोड़ दूँगा।’

 

यह काम वही कर सकता है जो सीबीआई को कंट्रोल करता हो:

राहुल गांधी ने पुनिया के बयान के बाद कहा कि हमारे पास जो सबूत हैं, उससे दो सवाल उठते हैं। पहला यह की वित्त मंत्री भगोड़े से बात कर रहे हैं। वित्त मंत्री को वह बताता है कि वो लंदन जानें वाला है। वित्त मंत्री इसके बारे में ना ही ईडी को बताते हैं और ना ही सीबीआई को इसकी जानकारी देते हैं। वित्त मंत्री ने इसके बारे में पुलिस को जानकारी देना भी उचित नहीं समझा। दूसरा सवाल यह उठता है कि माल्या के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी नोटिस को किसने बदला? यह काम वही कर सकता है जो सीबीआई को कंट्रोल करता हो। अगर यह सब जेटली ने अपने आप किया तो बता दें।

 

2016 से लंदन में रह रहा है माल्या:

rahul gandhi attacks on bjp

अगर जेटली को इसके लिए ऊपर से ऑर्डर मिला था तो इसके बारे में भी बता दें। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा पर अपना निशाना तेज़ करते हुए कहा कि एक आर्थिक अपराधी लंदन जानें से पहले वित्त मंत्री से 15-20 मिनट तक बात करता है। इससे साफ़तौर पर पता चलता है कि इसमें कुछ ना कुछ गड़बड़ है। इसमें दोनो की मिलीभगत है। इसमें दोनो के बीच कुछ ना कुछ डील ज़रूर हुई है। वित्त मंत्री को अपनी सफ़ाई देते हुए अपना इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें विजय माल्या मार्च 2016 से भारत के भाग हुआ है। माल्या उसी समय से लंदन में रह रहा है।

 

पूरी तरह से घिरी हुई है भाजपा:

देश के बैंकों का लगभग 9000 करोड़ रुपया लेकर भागने वाला भगोड़ा माल्या आर्थिक अपराधी है। उसके ऊपर आर्थिक अपराधी क़ानून के तहत मामला भी चल रहा है। ईडी नए क़ानून के तहत माल्या को भगोड़ा घोषित करना और 12500 करोड़ रुपए की सम्पत्ति ज़ब्त करना चाहता है। माल्या के बयान के बाद से इस समय देश की राजनीति में काफ़ी गर्मी बढ़ गयी है। भाजपा का समय अच्छा नहीं चल रहा है। पहले राफ़ेल डील पर कंगेस ने भाजपा पर निशाना साधा। उसके बाद बढ़ते पेट्रोल डीज़ल के दाम और गिरते रुपए के मूल्य की वजह से भाजपा की किरकिरी हुई। अब माल्या के बयान से भाजपा पूरी तरह से घिरी हुई नज़र आ रही है।

 

 


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