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रिपोर्ट में हुआ ख़ुलासा, गुरूग्राम और फ़रीदाबाद में महिलाएँ सबसे ज़्यादा असुरक्षित

सुरक्षा प्रदान करने के फ़ेल हुई है भाजपा सरकार

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पिछले कुछ दिनों में देश की हालत काफ़ी ख़राब हो गयी है। बलात्कार, हत्या के साथ-साथ कई अन्य आपराधिक घटनाएँ तेज़ी से बढ़ी हैं। अभी हाल ही में हरियाणा के रेवाड़ी में सीबीएसई टॉपर के साथ गैंग रेप की घटना हुई। इस घटना ने एक बार फिर से पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस रेप केस ने खट्टर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं दूसरी तरफ़ विधानसभा में पेश हुई एक रिपोर्ट से भी खट्टर सरकार की मुश्किलें काफ़ी बढ़ गयी हैं।

 

आपराधिक घटनाओं में हुई है बढ़ोतरी:

आपकी जानकारी के लिए बता दें बीते बुधवार को हरियाणा विधानसभा में एक रिपोर्ट पेश की गयी थी। इसके आधार पर यह बात सामने आयी कि हरियाणा के गुरूग्राम और फ़रीदाबाद में महिलाएँ सबसे ज़्यादा असुरक्षित हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार 2014 से 2018 के बीच गुरूग्राम और फ़रीदाबाद में महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाली आपराधिक घटनाओं में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है। एक अंग्रेज़ी अख़बार के अनुसार, अगस्त 2014 से सितम्बर 2018 के बीच गुरूग्राम में 3768 और फ़रीदाबाद में 3440 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से गुरूग्राम में रेप के 555 और महिलाओं और लड़कियों के साथ छेड़खानी और अपहरण की 2308 घटनाएँ हुई हैं।

 

जगबीर सिंह के सवाल के जवाब में पेश की गयी रिपोर्ट:

women's safety in gurgaon

जबकि अगर फ़रीदाबाद को देखा जाए तो वहाँ रेप के 352 मामले और अपहरण और छेड़खानी के 1656 मामले सामने आए हैं। इसके अलावा पिछले 4 साल के अंदर राज्य में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के 37161 मामले दर्ज हुए हैं। आपको बता दें हरियाणा विधानसभा में यह रिपोर्ट गोहाना से विधायक जगबीर सिंह मलिक के सवाल के जवाब में पेश की गयी। जगबीर सिंह मलिक ने सवाल में पूछा था कि क्या इन चार सालों के दौरान महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाले अपराध में वृद्धि हुई है? इसके साथ ही उन्होंने यह भी सवाल किया कि महिला पुलिस थानों से महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाले अपराध को रोकने में मदद मिल रही है की नहीं?

 

बढ़ गयी है खट्टर सरकार की मुसीबत:

जगबीर सिंह के इन्ही सवालों के जवाब में रिपोर्ट पेश की गयी। रिपोर्ट से यह साफ़ हो जाता है कि राज्य में रेप के मामले कम होने की बजाय और ज़्यादा बढ़ गए हैं। अगस्त 2014 से सितम्बर 2015 के बीच हरियाणा में रेप के 961 मामले दर्ज हुए। बयान के अनुसार सितम्बर 2017 से रेप के कुल 1413 मामले दर्ज हुए हैं। हालाँकि सरकार ने इन आँकड़ों को पेश करते हुए बताया कि ऐसे जिले जहाँ महिला पुलिस स्टेशन हैं, वहाँ अपराध में कमी देखी गयी है। इन आँकड़ों के सामने आने के बाद से हरियाणा की खट्टर सरकार की मुसीबतें काफ़ी बढ़ गयी हैं।

 

पुलिस सुरक्षा हुई है बेहतर:

सरकार के साथ ही हरियाणा पुलिस भी सवालों के घेरे में आ गयी है। इस रिपोर्ट के बारे में हरियाणा के डीजीपी बीएस संधु का कहना है कि, यह वृद्धि इसलिए हुई है, क्योंकि महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध से जुड़ी सभी शिकायतों को मामलों में तब्दील कर दिया गया है। इसके अलावा राज्य में कुछ ऐसी घटनाएँ भी सामने आयी हैं, जिसमें रेप के मामले दरअसल हनीट्रैप के थे। हमें इस तरह के 47 गिरोहों का पर्दाफ़ाश किया है। इस तरह से अपराध का यह आँकड़ा उतना परेशान करने वाला नहीं है और पुलिस सुरक्षा भी बेहतर हुई है।

 

सुरक्षा प्रदान करने के फ़ेल हुई है भाजपा सरकार:

हालाँकि सरकार जो भी कहे, यह बात किसी से छुपी हुई नहीं है कि पिछले कुछ सालों में देश के अंदर इस तरह के मामले काफ़ी बढ़ गए हैं, कई मामलों में तो सीधे तौर पर भाजपा नेताओं का हाथ है। हालाँकि सत्ता में होने की वजह से उनके ऊपर कोई हाथ नहीं डाल सकता है। अगर आँकड़ों को देखा जाए तो साफ़-साफ़ पता चलता है कि जहाँ-जहाँ भी भाजपा की सरकार है, वहाँ-वहाँ इस तरह की घटनाएँ कुछ ज़्यादा ही होती हैं। हालाँकि इसमें भाजपा की कोई भूमिका है या नहीं, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन यह बात तो तय है कि भाजपा की सरकार जनता को सुरक्षा प्रदान करने में पूरी तरह से फ़ेल हुई है।


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