THE ADDA
THE ADDA: Hindi News, Latest News, Breaking News in Hindi, Viral Stories, Indian Political News

क्या आप जानते हैं माँ दुर्गा की प्रतिमा बनाने के लिए आख़िर क्यों ली जाती है वेश्यालय से मिट्टी

कोलकाता में बनायी जाती है सबसे ज़्यादा दुर्गा प्रतिमाएँ

3,157
SHEIN -Your Online Fashion Jumpsuit

हिंदू धर्म के बारे में कहा जाता है कि यह पूरी दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म है, हिंदू धर्म में सदियों से देवी-देवताओं की पूजा का ख़ास महत्व रहा है, हिंदू धर्म ही एक ऐसा धर्म है, जिसमें सबसे ज़्यादा देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार कुल 33 करोड़ देवी-देवता हैं, जिनकी जगह-जगह पर पूजा की जाती है। भारत के हर प्रांत में अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। लेकिन कुछ ऐसे देवी-देवता भी हैं, जिनकी पूजा भारत के हर कोने में समान रूप से की जाती है।

 

कई पंडालों की क़ीमत होती है करोड़ों में:

हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार शक्ति का प्रतीक माता दुर्गा की पूजा भारत के हर कोने में की जाती है, लेकिन पक्षिम बंगाल में माता दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व है, नवरात्रि के समय में वहाँ दुर्गा पूजा की धूम देखते ही बनती है। हर जगह माता दुर्गा के भव्य पांडाल बने रहते हैं। जिस गली से आप गुज़रें, वहीं आपको एक माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित मिलेगी। नवरात्रि के समय माँ दुर्गा के कई ऐसे पांडाल भी बनाए जाते हैं, जिनकी क़ीमत करोड़ों में होती है। हालाँकि आज हम आपको पांडाल के बारे में नहीं बल्कि माता दुर्गा की मूर्ति के सम्बंध के कुछ ऐसा बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में शायद ही आप पहले से जानते होंगे।

 

माता दुर्गा की मूर्ति बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती है वेश्यालय की मिट्टी:

goddess durga

अक्सर अपने देखा होगा कि दुर्गा पूजा के समय माता दुर्गा की भव्य मूर्तियाँ बनायी जाती हैं। पक्षिम बंगाल में माता दुर्गा की कई ऐसी मूर्तियाँ भी बनती हैं, जो अपने आप में बहुमूल्य होती हैं। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि माता दुर्गा की मूर्ति बनाने के लिए वेश्यालय की मिट्टी की इस्तेमाल किया जाता है। शायद नहीं जानते होंगे। यह सुनकर आपके मन में एक ख़याल ज़रूर आया होगा कि हमारे समाज में वेश्यालय को अपवित्र जगह माना जाता है, जहाँ जानें से सभ्य समाज के लोग कतराते हैं, वेश्यालय के बारे में कई बुरी-बुरी बातें हमारे समाज में फैली हुई हैं। तो आख़िर क्यों ऐसी जगह से माता दुर्गा की पवित्र मूर्ति बनाने के लिए मिट्टी लायी जाती है?

 

कोलकाता में बनायी जाती है सबसे ज़्यादा दुर्गा प्रतिमाएँ:

SHEIN -Your Online Fashion Blouse

- Advertisement -

जानकारी के अनुसार शारदा तिलकम, महा मंत्र महार्णव , मंत्र महोदधि जैसे ग्रंथ और पारम्परिक मान्यताएँ इसकी पुष्टि करती हैं। बांग्ला मान्यताओं में यह बताया गया है कि गोबर, गोमूत्र, लकड़ी और जूट के ढाँचे, धान के छिलके, सिंदूर, ख़ास वनस्पतियाँ, पवित्र नदियों की मिट्टी, और जल संग निषिद्धो पाली के रज के समावेश से बनाई गयी माता दुर्गा की प्रतिमा तथा यंत्रो की विधि पूर्वक आराधना करने को लौकिक व पारलौकिक उत्थान की ऊर्जा से सराबोर माना गया है। आपको बता दें कि कोलकाता के कुमारटुली क्षेत्र में भारत की सबसे ज़्यादा देवी प्रतिमा को बनाया जाता है।

 

सोनागाछी है सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया:

goddess durga

वहाँ माता दुर्गा की प्रतिमा को बनाने के लिए निषिद्धो पाली रज के रूप में सोनागाछी की मिट्टी का उपयोग किया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोनागाछी बंगाल का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया है जो कोलकाता में स्थित है। दैविय प्रतिमा में निषिद्धो पाली की मिट्टी के इस्तेमाल की प्रथा ख़ुद में समाज सुधार के सूत्र भी सहेजे नज़र आती है। यह प्रथा पुरुषों की भूल की सज़ा भुगतती औरत के उत्थान एवं आदर की प्रक्रिया का भाग भी प्रतीत होती है। शरीर का सुख तांत्रिय उपासना के अहम उद्देश्य है। इसी वजह से माता दुर्गा की प्रतिमा को बनाने के लिए वेश्यालय की मिट्टी का उपयोग किया जाता है।

 

सोच बदलने से ही आएगा समाज में बदलाव:

इससे समाज के लोगों में वेश्यालय में काम करने वाली महिलाओं के प्रति भी इज़्ज़त की भावना उत्पन्न होगी। हालाँकि ऐसा कुछ होता हुआ दिखाई नहीं देता है, आज भी बड़े मात्रा में महिलाओं को इस काम में ज़बरदस्ती धकेल दिया जाता है। कुछ महिलाएँ अपनी आर्थिक स्थिति से परेशान होकर इस काम में ख़ुद घुसती हैं और इस दलदल में हमेशा के लिए फँसकर रह जाती हैं, यही नहीं वह ख़ुद तो फँसती ही हैं, अपनी आने वाली संतान को भी इसी दलदल में धकेल देती हैं। इससे यह सामाजिक समस्या सुधरने की बजाय और बढ़ती जाती है। केवल मा दुर्गा की प्रतिमा में वेशयालयों की मिट्टी के इस्तेमाल से इनके जीवन में बदलाव नहीं आने वाला है। इसके लिए समाज के लोगों को अपनी सोच में बदलाव करने की ज़रूरत है, जब तक यह नहीं होता है, तब तक इनकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आने वाला है।

 


और पढ़ें:

 

 

 

 

 

Loading...
Loading...

- Advertisement -

SHEIN -Your Online Fashion Blouse

- Advertisement -

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More